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Noida Theme Park: नोएडा सेक्टर-38 ए में इंटरनेशनल सिटी लिमिटेड थीम बेस्ड पार्क बनाएगा, जिससे 15 लाख पर्यटक आएंगे और 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा. प्राधिकरण ने बकाया चुकाने की शर्त रखी है.
महाभारत थीम पार्क, यूपी में बन रहा भव्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन.
हाइलाइट्स
- नोएडा में बनेगा महाभारत थीम पार्क.
- 15 लाख पर्यटक और 5,000 रोजगार की संभावना.
- 2,200 करोड़ रुपये का निवेश होगा.
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नोएडा सेक्टर-38 ए में इंटरनेशनल सिटी लिमिटेड द्वारा थीम बेस्ड पार्क बनाने का प्रस्ताव प्राधिकरण को दिया गया है. यह प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया, जिसमें प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि कंपनी को बकाया और अन्य शर्तों को पूरा करने के बाद ही थीम पार्क बनाने की अनुमति दी जाएगी. उत्तर प्रदेश में बनने वाला यह पहला ऐसा पार्क होगा, जिसमें सालाना करीब 15 लाख पर्यटकों के आने की संभावना है. इस परियोजना से लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जबकि इस पर 2,200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.
ऐसा होगा थीम पार्क का प्लान
परियोजना के तहत पूरे पार्क को चार हिस्सों में बांटा जाएगा. पहले हिस्से में देश का सबसे बड़ा महाभारत थीम पर आधारित पार्क बनाया जाएगा, जिसमें रोमांचक राइड्स के साथ रामायण आधारित पुष्पक विमान भी होगा. इस पार्क से करीब 3,400 लोगों को रोजगार मिलेगा और हर महीने लगभग 1.15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा.
दूसरे हिस्से में एक्वेरियम बनाया जाएगा, जो 9डी टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा. इसमें ड्राइविंग समेत 60 तरह के खेल होंगे, जिससे हर महीने लगभग 1.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा और 600 लोगों को रोजगार मिलेगा.
तीसरे हिस्से में स्नो वर्ल्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें लगभग 9 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा और हर महीने करीब 27 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा.
चौथा हिस्सा फैमिली एक्टिविटी ज़ोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विभिन्न प्रकार की मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इस सेक्शन में भी 500 लोगों को रोजगार मिलेगा.
इन शर्तों पर प्राधिकरण देगा मंजूरी
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को तभी मंजूरी मिलेगी, जब कंपनी पहले का बकाया चुका देगी. कंपनी को चार चरणों में जमीन आवंटित की जाएगी. पहले चरण में 5,66,580 वर्ग मीटर, दूसरे चरण में 9,900.1 वर्ग मीटर, तीसरे चरण में 2,420 वर्ग मीटर और चौथे चरण में 17,970 वर्ग मीटर जमीन दी जाएगी. इस जमीन के एवज में कंपनी को 113.96 करोड़ रुपये का भुगतान करना था, लेकिन अभी तक यह बकाया है. 31 मार्च 2025 तक यह बकाया बढ़कर 164 करोड़ रुपये हो जाएगा, जिसमें 11.45 करोड़ रुपये का जल और सीवर टैक्स भी शामिल है.
प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि जब तक कंपनी यह पूरा बकाया जमा नहीं करती, तब तक निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी.
बोर्ड बैठक में क्या हुआ?
यह प्रस्ताव प्राधिकरण की 215वीं बोर्ड बैठक में रखा गया था, जहां कंपनी को निर्देश दिया गया था कि वह पूरे प्लान के साथ योजना को सबमिट करे. इसके बाद 217वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को दोबारा पेश किया गया. प्राधिकरण ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह तत्काल बकाया राशि का 20% जमा करे और बाकी राशि किस्तों में चुकाए, तभी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जाएगी.