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Heart Attack Prevention Drugs: एक कंपनी ने दावा किया है कि उसने हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम करने वाली दवा डेवलप कर ली है. यह दवा खून में पाए जाने वाले उन कणों को बेअसर करती है, जिससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ…और पढ़ें
नई दवा हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाने वाले कणों को 94% कम कर सकती है.
हाइलाइट्स
- नई दवा हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव में बेहद कारगर हो सकती है.
- लेपोडिसिरान नामक दवा 6 महीने तक हार्ट अटैक का खतरा कम करती है.
- यह दवा खून में पाए जाने वाले Lp(a) कणों को 94% तक कम करती है.
New Drug For Heart Attack Prevention: दुनियाभर में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के बढ़ते मामलों के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है. वैज्ञानिकों ने ऐसी दवा डेवलप करने का दावा किया है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाने में बेहद कारगर हो सकती है. इस दवा का एक इंजेक्शन लगवाने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 6 महीने तक टल सकता है. हालांकि अभी यह दवा अंडर ट्रायल है और इसमें सफलता मिल गई, तो अगले कुछ सालों में यह दवा बाजार में आ सकती है. इस दवा को लेकर इस वक्त हर तरफ चर्चा हो रही है, क्योंकि यह खून में जाकर कुछ ऐसा करती है, जिससे हार्ट अटैक का रिस्क कम हो जाता है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस नई दवा को एलि लिली (Eli Lilly) कंपनी ने डेवलप किया है. इसका नाम लेपोडिसिरान (Lepodisiran) है. यह दवा खून में पाए जाने वाले छोटे कण Lp(a) को 94% तक कम कर सकती है. ये कण ही हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाते हैं. नई दवा को अगर इंजेक्शन के जरिए शरीर में पहुंचाया जाए, तो इससे खून में पाए जाने वाले खतरनाक कणों को काफी हद तक बेअसर किया जा सकता है. इस दवा का असर 6 महीने तक बना रहता है और इसके अभी तक कोई साइड इफेक्ट भी सामने नहीं आए हैं. ऐसे में यह दवा हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाने में कारगर हो सकती है.
यूएस के अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की एनुअल मीटिंग में इस दवा को लेकर जानकारी दी गई है और यह स्टडी न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुई है. रिसर्च के मुताबिक करोड़ों लोगों के खून में Lp(a) कण होते हैं. यह एक प्रोटीन-फैट यौगिक है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को काफी बढ़ा देता है. अमेरिका में करीब 6.40 करोड़ लोगों के खून में इन कणों का लेवल ज्यादा है, लेकिन बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं और न ही डॉक्टर इस पर नियमित रूप से परीक्षण करते हैं. इसका कारण यह है कि पहले इसके लिए कोई प्रभावी दवा उपलब्ध नहीं थी.
अब एलि लिली की नई दवा के साथ हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इसके अलावा भी कम से कम चार अन्य कंपनियां भी ऐसी दवाओं पर काम कर रही हैं, जो शरीर में एलपी(a) के उत्पादन को ब्लॉक कर देती हैं. इनमें से एक अध्ययन नोवार्टिस (Novartis) की दवा पर केंद्रित है, जिसे हर महीने इंजेक्ट किया जाएगा और इसके परिणाम 2026 में सामने आने की उम्मीद है. हालांकि ये दवाएं अभी भी फेज 2 के क्लिनिकल ट्रायल में हैं और बाजार में आने से पहले कई वर्षों तक परीक्षण से गुजरना पड़ेगा. डॉक्टर्स का कहना है कि इस दवा के प्रभाव को पूरी तरह से समझने के लिए आगे ट्रायल की जरूरत है. आखिरी रिजल्ट तभी निकलेगा जब यह दवा फेज 3 के ट्रायल तक पहुंचेगी. तब इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता की जांच होगी.