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SONBHADRA । विकास खंड चोपन के ग्राम सभा कोटा के परासपानी टोला में हर घर जल योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी एवं पंपिंग स्टेशन की व्यवस्था पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंपिंग स्टेशन का निर्माण गहरी और खाईनुमा भूमि में कराया गया है। बारिश के दिनों में आसपास का गंदा पानी परिसर में भर जाता है, जिसके बाद कथित तौर पर इसी पानी की आपूर्ति ग्रामीणों के घरों तक किए जाने से लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार, हर घर जल योजना के तहत कोटा गांव और आसपास के टोलों में अभी तक घर-घर पानी की सुचारू आपूर्ति नहीं हो सकी है। कई स्थानों पर नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। वहीं, जहां पानी की आपूर्ति होती है, वहां बारिश के दौरान पानी की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बारिश शुरू होने से पहले ही 11 जून को परासपानी स्थित पानी की टंकी के पास प्रदर्शन किया था। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में महिला-पुरुष समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर जिला प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकृष्ट कराया था।

इस दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री आरके सिंह अरमो, कोटा के पूर्व प्रधान शिव प्रसाद और पूर्व प्रधान रामचंद्र गोंड समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पानी की टंकी और पंपिंग स्टेशन का निर्माण गहरी भूमि में होने के कारण बारिश का पानी वहां जमा हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल निकासी और पानी की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो उन्हें दूषित पानी के सेवन की समस्या से जूझना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अधिक बारिश होने पर पानी पंपिंग स्टेशन से निकलकर परासपानी संपर्क मार्ग तक पहुंच जाता है। जलभराव के कारण परासपानी पंचायत भवन की ओर जाने वाले मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित होता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंपिंग स्टेशन की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही हर घर जल योजना के तहत लगाए गए नलों में पानी की सुचारू आपूर्ति शुरू कराने की मांग की गई है।