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माफिया मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर अंगद राय पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कस गया है। पत्नी के नाम पर खरीदी गई 9.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली गई है। वहीं, मुख्तार के भाई सांसद अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है।
यूपी की योगी सरकार का माफियाओं और उनके गैंग पर ऐक्शन जारी है। गाजीपुर में माफिया मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर अंगद राय की 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति सोमवार को पुलिस ने कुर्क कर ली। गैंगस्टर एक्ट के तहत जिलाधिकारी के आदेश पर इस संपत्ति को कुर्क किया गया है। अंगद अभी जेल में बंद है। यह संपत्ति अंगद राय ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी थी। वहीं, मुख्तार के भाई सांसद अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि अंगद राय उर्फ झूलन पुत्र सर्वदेव राय निवासी शेरपुर खुर्द थाना भांवरकोल मुख्तार के आईएस-191 गैंग का शार्प शूटर है। उसके खिलाफ कोतवाली थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है। उसने संगठित अपराध से अर्जित धन से अपनी पत्नी सरिता राय के नाम भांवरकोल के गिरधरिया में आराजी संख्या 207, रकबा 0.1370 हेक्टेयर में से 0.0127 हेक्टेयर (127 वर्गमीटर) भूमि खरीदी थी। खरीदी गई जमीन में 63 वर्गमीटर क्षेत्रफल में द्वितीय श्रेणी का निर्माण है। इस जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं। इसकी अनुमानित कीमत 9 करोड़ 50 लाख रुपये है।
इस मामले में थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने कुर्की का आदेश दिया था। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भूमि को कुर्क किया। इस दौरान पुलिस ने मुनादी कराई कि इस संपत्ति को कोई भी न खरीदे और न ही इसका किसी प्रकार से उपयोग करे।
अंगद पर 25 से अधिक मुकदमे
एसपी के अनुसार अंगद राय लंबे समय से हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा अन्य गंभीर मामलों में आरोपी रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे पहले भी पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत अंगद राय की कई करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
सांसद अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक
उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी के भाई गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी को शस्त्र लाइसेंस की फाइलें गायब कराने और फर्जी पते पर असलहा लाइसेंस हासिल करने के मामले में राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही इस मामले में दाखिल सपा सांसद की याचिका पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख लगाई है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने अफजाल अंसारी की याचिका पर उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय को सुनकर दिया है।
मामला गाजीपुर में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें सांसद अफजाल अंसारी समेत अन्य लोगों पर शस्त्र लाइसेंसों की मूल फाइलें गायब कराने और फर्जी पते के आधार पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में 22 जुलाई को अफजाल अंसारी समेत कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में अफजाल अंसारी, मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी, गैंग के सहयोगियों और तत्कालीन शस्त्र लिपिकों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ गाजीपुर के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब मामले में 10 अगस्त को सुनवाई होगी।
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