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रेलवे की इस पहल में सफाई कर्मचारियों को स्वच्छता कार्यों के साथ-साथ छोटे विद्युत और प्लंबिंग संबंधी कार्यों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे यात्रा के दौरान लाइट, पंखे और पानी की उपलब्धता से जुड़ी छोटी समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और ट्रेनों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे ने नई पहल की है। रेलवे ने राज्य में संचालित चुनिंदा लंबी दूरी की ट्रेनों के सामान्य यानी जनरल कोच में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए ‘बेटर ऑन-बोर्ड सर्विसेज’ नीति लागू की है।
रेलवे अधिकारियों से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था के तहत जनरल कोचों में भी एसी और स्लीपर कोचों की तरह नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, सफाई व्यवस्था की निगरानी भी की जाएगी।
बिलासपुर और रायपुर मंडल की ट्रेनों को होगा फायदा
भारतीय रेल के ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ परिवर्तन एजेंडे के तहत शुरू की गई इस पहल को बिलासपुर और रायपुर मंडल से संचालित होने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में लागू किया जाएगा। इनमें ट्रेन संख्या 18237/18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (बिलासपुर-अमृतसर), ट्रेन संख्या 20847/20848 हमसफर एक्सप्रेस (दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन) और ट्रेन संख्या 12549/12550 सुपरफास्ट एक्सप्रेस (दुर्ग-एमसीटीएम उधमपुर) शामिल हैं।
एसी व स्लीपर कोचों की तरह होगी जनरल डिब्बों की सफाई
नई व्यवस्था के तहत जनरल कोचों के शौचालय, प्रवेश द्वार और डस्टबिनों की यात्रा के दौरान नियमित सफाई की जाएगी। सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक वॉशरूम की सफाई हर घंटे की जाएगी, जबकि अन्य समय में प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर सफाई की व्यवस्था रहेगी।
सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें की जाएंगी लोड
सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और जियो-टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। सफाई से पहले और बाद की स्थिति को रिकॉर्ड किया जाएगा तथा तस्वीरें मोबाइल एप पर अपलोड की जाएंगी। रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार सफाई कार्य का सत्यापन होने के बाद ही संबंधित ठेकेदारों को भुगतान की अनुमति दी जाएगी।
सफाई कर्मचारियों को दी जाएगी बिजली व प्लंबिंग कामों की ट्रेनिंग
रेलवे की इस पहल में सफाई कर्मचारियों को स्वच्छता कार्यों के साथ-साथ छोटे विद्युत और प्लंबिंग संबंधी कार्यों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे यात्रा के दौरान लाइट, पंखे और पानी की उपलब्धता से जुड़ी छोटी समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।
रेलवे की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सामान्य कोचों में स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाना, यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव देना और सफाई कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।
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