नगर निगम के इंजीनियर शिवम दुबे के अनुसार, संबंधित पक्ष को दो नोटिस दिए गए थे, लेकिन उनकी ओर से जवाब नहीं मिला। इसके बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में रविवार सुबह एक बार फिर प्रशासन और निगम ने सिंहस्थ क्षेत्र में बुलडोजर कार्यवाही की है। निगम की टीम ने 11 मुखी हनुमान मंदिर के पास करीब 6 हजार वर्गफीट में बिना अनुमति होटल और सामने दुकानें बनाई जा रही थीं। निर्माण कार्य के दौरान निगम ने बने निर्माण को हटाने के लिए दो बार नोटिस जारी किए थे। नोटिस जबाव ना मिलने पर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ दो पोकलेन मशीन, तीन जेसीबी और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्यवाही करते हुए ध्वस्त किया। इस दौरान भरी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत नगर निगम ने सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार सुबह निगम की टीम ने खास चौक स्थित 11 मुखी हनुमान मंदिर के पास करीब 6 हजार वर्गफीट में बने निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। यहां बिना अनुमति होटल और सामने दुकानें बनाई जा रही थीं।कार्रवाई के दौरान मौके पर दो पोकलेन मशीन, तीन जेसीबी, नगर निगम के अधिकारी और पुलिस बल तैनात रहा। निर्माण ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर था।नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर होटल और सामने दुकानों के लिए निर्माण किया जा रहा था। निर्माण का काम जारी था। निचले तल में करीब 3 हजार वर्ग फीट और प्रथम तल को मिलाकर कुल निर्माण लगभग 6 हजार वर्गफीट था। इसी निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
दो नोटिस देने के बाद लिया ऐक्शन
नगर निगम के इंजीनियर शिवम दुबे के अनुसार, संबंधित पक्ष को दो नोटिस दिए गए थे, लेकिन उनकी ओर से जवाब नहीं मिला। इसके बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम के जोन क्रमांक-1 के नगर निवेश विभाग ने 23 जनवरी 2026 को पहला नोटिस जारी किया था। इसके बाद 10 फरवरी 2026 को अंतिम नोटिस दिया गया। नोटिस में मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 436 का उल्लेख करते हुए संबंधित पक्ष को अवैध निर्माण स्वयं हटाने के लिए कहा गया था।
नगर निगम के अधीक्षक यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में यह निर्माण बिना अनुमति किया जा रहा था। इस संबंध में पहले नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने और निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद निगम ने कार्रवाई शुरू की,नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि निर्माण नहीं हटाने पर नगर निगम इसे हटाएगा और तोड़ाई का खर्च भी संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।
रिपोर्ट विजेंद्र यादव

