लखनऊ में कांग्रेस पार्टी का एक पोस्टर लगाया गया है, जिस पर ‘200 सीट हक है हमारा, यूपी को है राहुल गांधी पर भरोसा’ लिखा है। पोस्टर के जरिए कांग्रेस ने एक बार फिर 200 सीटों पर अपना दावा पेश किया है।
यूपी की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस पार्टी का एक पोस्टर लगाया गया है, जिस पर ‘200 सीट हक है हमारा’ लिखा है। पोस्टर के जरिए कांग्रेस ने 200 सीटों पर अपना दावा पेश किया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस 200 सीटों पर अड़ी है। इसी क्रम में ये होर्डिंग लगाई गई है। इससे पहले कांग्रेस की तरफ से सपा को सीटों की सूची मिल गई जिस पर वह चुनाव लड़ना चाहती है।
लखनऊ में कांग्रेस पार्टी की होर्डिंग लगी है। जिस पर लिखा है, ‘200 सीट हक है हमारा, यूपी को है राहुल गांधी पर भरोसा।’ पोस्टर पर सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा, राहुल गांधी, इमरान मसूद और आराधना मिश्रा की फोटो छपी है। दरअसल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस ने औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने 175 से अधिक सीट की प्रारंभिक सूची सौंपी है, जहां उसे लगता है कि वह गठबंधन में प्रभावी भूमिका निभा सकती है।
कांग्रेस की अधिकृत नहीं बनी है बैनर
इन होर्डिंगों पर कांग्रेस की प्रवक्ता और मीडिया विभाग की उपाध्यक्ष प्रियंका गुप्ता ने कहा, ‘यह कांग्रेस पार्टी का अधिकृत बैनर नहीं है। हालांकि, मैं यह जरूर कहूंगी कि पार्टी में ऐसे कार्यकर्ता हैं जो चाहते हैं कि इस बार कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़े। सभी 403 सीटों पर तैयारियां चल रही हैं। हम जहां भी चुनाव लड़ेंगे, हमारी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और उसकी नीतियों के खिलाफ होगी।’
दोनों दलों के बीच सीट बंटवारें पर चर्चा जल्द
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि यह सूची कुछ दिन पहले सपा नेताओं के साथ साझा की गई थी और जल्द ही दोनों दलों के नेता सीट बंटवारे पर विस्तृत चर्चा के लिए बैठेंगे। गौतम ने कहा, ‘मैं आपको सटीक संख्या नहीं बता सकता, लेकिन हमने 175 से 200 सीट की सूची सौंपी है। दोनों दलों का नेतृत्व एक साथ बैठकर सीट बंटवारे की बारीकियों को तय करेगा।’
सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस की प्रारंभिक सूची पर कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारे नेता अखिलेश यादव जी ने स्पष्ट कर दिया है कि जीतने की क्षमता ही एकमात्र मानदंड है। इसलिए कोई भी कुछ भी मांग सकता है, लेकिन राजनीति में सर्वमान्य और सार्थक समाधान तक पहुंचने के लिए दिखावे से आगे बढ़ना होगा। यह संशय निराधार नहीं है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार 1989 के बाद से लगातार घटा है। उस वर्ष पार्टी ने आखिरी बार राज्य में सरकार बनाई थी।’
2022 में सिर्फ 2 सीटें जीती थी कांग्रेस
गौरतलब है कि यूपी में कांग्रेस पार्टी ने 2022 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा था, लेकिन उसे केवल दो सीट पर जीत मिली थी। जबकि, यह संख्या 2017 में जीती गई सात सीट से भी कम थी।

