ग्रेटर नोएडा: दिल्ली-एनसीआर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाकों में शुमार ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के निवासियों के लिए आखिरकार वह ऐतिहासिक पल आ गया है, जिसका उन्हें वर्षों से इंतजार था. गौर सिटी चौराहे पर लगने वाले महाजाम और रोज-रोज की झंझट से राहत दिलाने वाला गौर चौक अंडरपास बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है. दीपावली के ठीक पहले आगामी 5 नवंबर को इसका भव्य उद्घाटन होने की संभावना है. इस प्रोजेक्ट के शुरू होते ही न सिर्फ लाखों यात्रियों का सफर सुगम होगा, बल्कि प्रॉपर्टी बाजार और स्थानीय कारोबार को भी एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना पर कुल 92 करोड़ रुपये की लागत आई है. यह अंडरपास करीब 700 मीटर लंबा और 6 लेन का है, जो ताज हाईवे के समानांतर आगे बढ़ेगा. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के डीजीएम (सिविल) विजय रावल ने बताया कि यह अंडरपास ग्रेटर नोएडा, गौर सिटी और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को सीधे और बिना किसी सिग्नल के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. खास बात यह है कि यात्रियों के सफर को और खुशनुमा बनाने के लिए अंडरपास की भीतरी दीवारों पर भगवान गौतम बुद्ध और प्रकृति को दर्शाती हुई बेहद आकर्षक और सुंदर पेंटिंग उकेरी गई हैं.
125 एकड़ में फैली गौर सिटी और 5 लाख आबादी को राहत
नोएडा एक्सटेंशन के इस सबसे संवेदनशील और व्यस्त चौराहे पर रोजाना वाहनों का भारी रेला उमड़ता है. यहाँ सिर्फ गौर सिटी 1 और गौर सिटी 2 (जो करीब 125 एकड़ में फैली है) में ही 30 हजार से अधिक फ्लैट और लगभग 1.5 लाख की आबादी निवास करती है. मेट्रो कनेक्टिविटी न होने के कारण यहां के लोग पूरी तरह कार, कैब और ऑटो पर निर्भर हैं.
गौर चौक पर पीक आवर्स के दौरान सिर्फ चौराहे को पार करने में 20 से 30 मिनट तक का समय बर्बाद हो जाता था. लेकिन अब इस अंडरपास के शुरू होने से चेरी काउंटी, निराला एस्टेट, ऐस सिटी, पंचशील ग्रीन्स और सुपरटेक इकोविलेज जैसी तमाम बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों के वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा गाजियाबाद के विजयनगर, क्रॉसिंग रिपब्लिक और सिद्धार्थ विहार से आने-जाने वाले लोग भी बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सकेंगे.
तकनीकी खासियत और वॉटरप्रूफिंग इंतजाम
अंडरपास निर्माण में हर छोटी-बड़ी बात का बारीकी से ध्यान रखा गया है. इसमें 350-350 मीटर का हिस्सा जंक्शन के दोनों ओर बनाया गया है. सितंबर महीने में ही गौर सिटी चौराहे के ऊपर 130 मीटर चौड़ी सड़क के पुनर्निर्माण का काम पूरा कर लिया गया था. बरसात के मौसम में अंडरपास के भीतर पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए दोनों प्रवेश द्वारों पर विशेष शेड (Canopy) लगाए गए हैं. साथ ही, यातायात को सुचारू रखने के लिए गौर चौक के पास दो नए यू-टर्न भी पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं. जानकारों का मानना है कि पर्थला फ्लाईओवर के बनने के बाद वहां का ट्रैफिक तो संभल गया था, लेकिन सारा दबाव गौर चौक पर आ गया था, जिसे अब यह नया अंडरपास पूरी तरह दूर कर देगा.
पर्थला सिग्नेचर ब्रिज से सीधे जुड़ेगा रास्ता
इस अंडरपास के शुरू होने से नोएडा के पर्थला सिग्नेचर ब्रिज और फ्लाईओवर को पार करके नोएडा के सेक्टर 119, 120, 121 और 122 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक का सफर चंद मिनटों का रह जाएगा. सूरजपुर पुलिस लाइन और कलेक्ट्रेट जाने वाले वाहन चालकों को भी रेड लाइट पर रुके बिना सीधा ताज हाईवे का रास्ता मिल जाएगा. इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 (NH-9) से आने वाले वाहन सीधे और तेज गति से ग्रेटर नोएडा की ओर निकल सकेंगे.
एक स्थानीय निवासी और फ्लैट मालिक संदीप कुमार, जो रोज ओखला नौकरी के लिए जाते हैं, का कहना है कि उन्हें अक्सर ऑफिस से लौटने के बाद सिर्फ गौर चौक पार करने में ही घंटों संघर्ष करना पड़ता था, जिसके कारण कई लोग यहां तक कि अपने फ्लैट बेचने तक का मन बना चुके थे. लेकिन इस अंडरपास के तैयार होने से इलाके के लोगों में एक नई उम्मीद जागी है.
भविष्य की अन्य योजनाएं भी हैं कतार में
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ट्रैफिक सुधार के लिए प्रशासन सिर्फ यहीं नहीं रुक रहा है. एक मूर्ति चौक पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एक नए 6 लेन के एलिवेटेड रोड की योजना पर भी काम चल रहा है. इसके तहत सेक्टर-4 से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए वाहन सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे. इसके अलावा, एक मूर्ति और चार मूर्ति के बीच की संकरी पुलिया को चौड़ा करने और पर्थला ब्रिज के पास एक और नए 6-लेन अंडरपास का प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है. कुल मिलाकर, यह अंडरपास ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है.

