Sugar Price Hike Meerut: प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में चीनी का अहम रोल हो गया है. सुबह की शुरुआत ही अक्सर लोग चाय और कॉफी के साथ ही करते हुए दिखाई देते हैं. लेकिन पिछले दो माह से लगातार चीनी के रेट में उछाल देखने को मिल रहा है. जिसका सीधा असर ग्रहणी महिलाओं पर देखने को मिल रहा है. क्योंकि उनका बजट का हिसाब भी बिगड़ चुका है. इसी कड़ी में दीपावली भी नजदीक है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोग 18 की टीम द्वारा महिलाओं से खास बातचीत की.
घर के लिए चुनौती बन रही है चीनी
लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए दीप्ति सिंघल ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है. दाल और तेल के रेट तो पहले ही आसमान पर हैं. ऐसे में चीनी के रेट बढ़ने से घर का खर्चा और भी ज्यादा बढ़ गया है. उन्होंने बताया कि दो माह पहले उन्होंने ₹55 में चीनी खरीदी थी, लेकिन रक्षाबंधन पर यही चीनी 75 रुपये प्रति किलो तक खरीदनी पड़ी थी.
हालांकि बीच में थोड़ी राहत मिली और 60 से 62 रुपये तक चीनी के रेट हो गए थे, मगर चार दिन से फिर से चीनी के रेट 70 पर पहुंच गए हैं. इससे किचन का बजट बिगड़ गया है. उन्होंने कहा कि कितनी ही कोशिश की जाए, लेकिन चीनी की खपत को कम नहीं किया जा सकता है. इसलिए सरकार को चीनी को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए.
त्योहार पर हो जाएगी फीकी मिठास
शिप्रा शर्मा ने कहा कि जिस तरह से चीनी के रेट बढ़ रहे हैं, ऐसे में दीपावली का पर्व नजदीक है. दीपावली हो या फिर भाईदूज, सभी लोग मिष्ठान बड़ी संख्या में खरीदते हैं. लेकिन जिस तरह से रेट में उछाल हो रहा है, उसका सीधा असर मिठाइयों पर भी पड़ेगा. जिससे कहीं न कहीं जो दीपावली का पावन पर्व मिठास के लिए पहचाना जाता है, लोग उसमें कटौती करेंगे.
ऐसे में सरकार को विशेष फोकस करना चाहिए कि आखिर क्या ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि मात्र दो महीने में ही चीनी के रेट में ₹20 तक की वृद्धि हो गई है. महिला उषा ने कहा कि सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है कि वह जनता की आवश्यक मूल सुविधाओं का विशेष ध्यान रखे. उन्होंने कहा कि उनकी 60 साल से अधिक उम्र हो गई है, लेकिन जिस तरह से अब रेटों में एकदम से उछाल आ जाता है, वह आश्चर्यचकित हैं.
सरकार को लेना चाहिए संज्ञान
इसी तरह से संगीता ने भी कहा कि उनका काफी बड़ा परिवार है, लेकिन जिस तरह से चीनी के रेट बढ़ रहे हैं, वह काफी चिंताजनक है. क्योंकि रक्षाबंधन पर भी देखने को मिला था कि चीनी के रेट में बढ़ोतरी के कारण मिठाई के रेट में 50 से ₹100 तक की वृद्धि हो गई थी. कहीं दीपावली के अवसर पर भी अगर इसी तरह के हालात रहे तो किस तरह से वह अपने परिवार में मिठाइयों को पहुंचाएंगी. उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इसका संज्ञान लेना चाहिए कि आखिर क्या कारण है कि मिल चलने से पहले चीनी के रेट में इतना इजाफा हो रहा है, जबकि वेस्ट यूपी गन्ना क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है.
आंकड़ों में समझें चीनी के रेट का गणित
बताते चलें कि वर्ष 2025 की अगर बात की जाए तो अक्टूबर माह में मेरठ में 42 रुपये 34 पैसे प्रति किलो के हिसाब से चीनी बिकी थी, जो जनवरी 2026 तक 44 रुपये 25 पैसे तक पहुंच गई थी. इसी तरह से धीरे-धीरे रेट में वृद्धि होती गई. सितंबर 2026 तक 54 रुपये 90 पैसे तक चीनी के रेट हुए, लेकिन वर्तमान समय की अगर बात की जाए तो चीनी के रेट ₹70 तक पहुंच गए हैं. वहीं अगर होलसेल के रेट की बात की जाए तो चीनी ₹65 किलो तक बिक रही है.

