सहारनपुर: गरीब महिलाओं व पुरुषों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, माटकी झरौली में एक बार फिर पापड़, मसाले और अचार बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है, जो साल में केवल एक बार होता है. इस प्रशिक्षण में न केवल प्रोडक्ट बनाना सिखाया जाएगा, बल्कि उनकी मार्केटिंग कैसे करनी है, ऑनलाइन कैसे सेल करना है और पैसों की जरूरत होने पर सरकार की किन-किन योजनाओं के तहत सब्सिडी के आधार पर पैसा उपलब्ध हो सकता है, इसकी जानकारी भी दी जाएगी.
अचार, पापड़ और मसालों की डिमांड लगातार बढ़ रही है. यह एक ऐसा व्यवसाय है, जो रोजमर्रा के कामों से जुड़ा है. यह प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है. साथ ही, खाने, रहने और ड्रेस की व्यवस्था भी निशुल्क रहेगी. इसके लिए सबसे पहले आपको आवेदन करना होगा, क्योंकि इसमें केवल 30 से 35 लोगों को ही शामिल किया जाएगा. पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. आप घर बैठे भी आवेदन कर सकते हैं या संस्थान पहुंचकर अपने डॉक्यूमेंट जमा कर सकते हैं. इसलिए देर न करें. इस निशुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाकर अपना खुद का काम शुरू करें और किसी के यहां नौकरी करने के बजाय खुद के मालिक बनें और दूसरों को भी रोजगार दें.
12 नवंबर से शुरू होगा 20 दिवसीय प्रशिक्षण
12 नवंबर से 20 दिवसीय बैच शुरू होने वाला है, जिसमें तीन प्रकार के प्रोडक्ट बनाना सिखाया जाएगा. इनमें अचार, पापड़ और मसाले शामिल हैं. ये तीनों ही प्रोडक्ट घरेलू जीवन में इस्तेमाल किए जाते हैं और दैनिक जरूरतों का हिस्सा हैं.
यह प्रशिक्षण साल में एक बार आयोजित किया जाता है. इसमें जो भी युवा, गृहणियां या स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं प्रशिक्षण लेना चाहती हैं, वे आवेदन कर सकती हैं. इसके लिए उम्र 18 से 49 साल के बीच होनी चाहिए. इच्छुक लोग ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा, मोबाइल नंबर 7017260488 पर अपनी जानकारी भेजकर ऑनलाइन नामांकन भी करा सकते हैं.
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा प्रवेश
प्रशिक्षण में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर अधिकतम 35 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो फोटो की जरूरत होगी. इच्छुक उम्मीदवार ये दस्तावेज कार्यालय में जमा कर सकते हैं या दिए गए मोबाइल नंबर पर भेज सकते हैं, ताकि उनका रजिस्ट्रेशन किया जा सके.
घर बैठे शुरू कर सकते हैं अपना रोजगार
इस व्यवसाय की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. इसका मकसद मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को दूर करना और घरेलू उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को कम लागत में स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे अपने घर से ही रोजगार शुरू कर सकें.
मार्केटिंग से लेकर फूड लाइसेंस तक की मिलेगी जानकारी
भारत सरकार और प्रदेश सरकार भी चाहती हैं कि अगर इनको ऋण चाहिए, तो कई ऋण योजनाएं चल रही हैं. प्रशिक्षण में मार्केटिंग कैसे करनी है, इसको ऑनलाइन कैसे ले जाना है और इसके फूड लाइसेंस कैसे लेना है, सब कुछ करा कर दिया जाएगा.
