Shamli Old Unn Bypass Reconstruction: उत्तरप्रदेश के शामली ऊन बायपास के निर्माण और चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है. इसके निर्माण होने से 20 लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा. साथ ही, करीब 100 से अधिक गांव की तस्वीर बदल जाएगी. रोजगार के साथ नई कनेक्टिविटी मिलेगी. यह बायपास करीब 50 साल पुराना है. इसके चौड़ीकरण से भविष्य की ट्रैफिक जरुरतों के अनुरूप बेहतर सुविधा मिल सकेगी. यह परियोजना दो एक्सप्रेस वे और एक शामली रिंग रोड से भी कनेक्ट रहेगी. अगर यह पूरी योजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वक्त में सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, आसान और व्यवस्थित हो सकता है.
इसके चौड़ा होने से वाहन रोजाना सफ़र करने वाले वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी नहीं होगी. यह बाइपास न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी वरदान साबित होगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते यातायात और जाम की समस्या के कारण यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण हो गई है. मौजूदा सड़क व्यवस्था और इलाके की बढ़ती जनसंख्या के साथ वाहनों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त नहीं थी. इसके चौड़ीकरण से वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और जाम की समस्या से राहत मिल सकती है. बाईपास चौड़ीकरण होने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और हादसों में कमी आएगी.
रोजगार मिलेंगे अवसर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बायपास बनने से औद्योगिक क्षेत्र जैसे धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग और फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और कृषि उपकरणों से जुड़े उद्योगों की स्थापना की संभावना है.साथ ही परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे. ऐसे में आसपास के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.
इन गांव के लोगों का अधिक होगा फायदा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बायपास बनने से सबसे अधिक अकरपुर उर्फ फुसगढ़, अम्बेहटा / अम्बेहटा, बाजहेड़ी बल्ला मजरा, बेडखेड़ी, भमेरी शाहपुर, भारी, बिदाउली, चौसाना / चौसाना जद्दीद / चौसाना कदी, दथेरा, धिंधली, गंगौर, गंगारामपुरा, हर्षना, जिजौला, कमलपुर, खेड़ा भाऊ, खेड़ी खुशनाम, मलाइंडी, पिंडौरा जहांगीरपुर, राहतपुर, शामली शामला, तप्रणा समेत ऊन से जुड़े अन्य गांव के लोगों को सबसे अधिक फायदा होगा.
इन महत्वपूर्ण एक्सप्रेस वे को भी जोड़ेगी
शामली बायपास के निर्माण होने से दो एक्सप्रेस वे और एक रिंग रोड को कनेक्ट करेगा. ऐसे .ए शामली की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल रहे हैं. शामली रिंग रोड नेटवर्क 30.5 km का एक बड़ा रिंग रोड है. यह दिल्ली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल और पानीपत-शामली हाईवे कॉरिडोर के हिस्सों को जोड़ता है. इसका काम तेजी से चल रहा है और इसे NHAI को सौंपा जा रहा है.
वही, गोरखपुर-शामली सुपर एक्सप्रेसवे 700 km लंबा एक विशाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट है. जो शामली में आकर खत्म होगा. इससे गोरखपुर से शामली तक का सफर घटकर सिर्फ 8 से 10 घंटे का रह जाएगा.अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे एक हाई-स्पीड हाईवे प्रोजेक्ट है. जिस पर काम चल रहा है. यह हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी शानदार होगी.
