आईची-नागोया: जापान में खेले जा रहे पैरा एशियाई खेलों में भारतीय टीम का शानदार सफर जारी है. पांचवें दिन यानी 23 अक्टूबर को भारत के संदीप और हानी ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को क्रमश: पुरूषों की 400 मीटर टी64 फाइनल और पुरूषों की भालाफेंक एफ37 /38 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते. संदीप ने 52.28 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि अजय कुमार को कांस्य पदक मिला.
सउदी अरब के नूर अलसाना को 53.13 सेकंड के साथ रजत पदक मिला जबकि अजय ने खेलों का रिकॉर्ड बनाकर 53 . 61 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता. संदीप और अलसाना टी44 श्रेणी में खेलते हैं जबकि कुमार टी64 श्रेणी के खिलाड़ी हैं. दोनों श्रेणियों की स्पर्धा अक्सर संयुक्त होती है.
भालाफेंक एफ37 /38 स्पर्धा में हानी ने 60 . 49 मीटर (रजा अंक 1116) का विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. ईरान के होरमोज एस को 50 . 68 मीटर (रजा अंक 1009) के साथ रजत और चीन के यू चेंगजी को 53.66 मीटर (रजा अंक 943 ) के साथ कांस्य पदक मिला. इसके साथ ही भारत के इन खेलों में सौ पदक हो गए हैं.
पैरा भालाफेंक में एफ37 और एफ38 श्रेणी के खिलाड़ी एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं और उनकी रैंकिंग रजा अंक के आधार पर तय की जाती है. यही कारण है कि होरमोज का थ्रो कम दूरी का होने के बावजूद उन्हें रजत पदक मिला जबकि यू को बेहतर थ्रो के बावजूद रजा अंक कम होने से कांस्य से संतोष करना पड़ा.
पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में संदीप और अलसाना को टी44 श्रेणी में रखा गया है जबकि अजय टी64 श्रेणी में आते हैं. दोनों ही पैरों (निचले अंगों) से जुड़ी श्रेणी हैं और इनमें अक्सर एक साथ स्पर्धा कराई जाती है.
इससे पहले प्रमोद बिजारनिया और निमिषा चाक्कुंगालपाराम्बिल ने क्रमश: पुरूषों की 1500 मीटर टी46 और महिलाओं की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में रजत पदक जीता. निमिषा ने 5.37 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि श्रीलंका की धनंजना विक्रमसिंघे ने खेलों के रिकॉर्ड 5.52 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता.
चीन की चेन जिन ने 5.17 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया. पुरूषों के 1500 मीटर टी46 फाइनल में प्रमोद ने चार मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता. श्रीलंका के पुवाकपितिकांदे पी वाहुमपुरागे रिकॉर्ड चार मिनट 03.25 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष पर रहे. फिलीपींस के किंग जेम्स रेयेस को कांस्य पदक मिला जिन्होंने चार मिनट 13.18 सेकंड का समय निकाला.
पैरा-एथलेटिक्स में टी46 श्रेणी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करने वाले उन एथलीटों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में कोई कमी या अक्षमता है. जैसे कि कोहनी के ऊपर या नीचे से एक हाथ का न होना, या कंधे या कोहनी से जुड़ी कोई अन्य गंभीर कार्यात्मक अक्षमता होना.
टी47 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से के एक तरफ (यानी एक हाथ में) कोई कमी या विकार हो मसलन कोहनी या कलाई के नीचे से हाथ का न होना, हाथ का जन्म से न होना, या किसी एक हाथ की मांसपेशियों की ताकत कम होना या हाथ की गति सीमित होना।
भारत के प्रवीण शर्मा पुरूषों के चक्काफेंक एफ11 फाइनल में 30.64 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे. ईरान ने तीनों पदक जीते. अमीषा रावत महिलाओं की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में 11.16 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रही.
