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Moradabad News: ग्रामीण क्षेत्रों में युवा वैज्ञानिक तरीके से सुअर पालन का कारोबार शुरू कर सकते हैं. इस व्यवसाय में सुअर के बच्चों की बिक्री और मांस उत्पादन के लिए तैयार पशुओं को बेचकर आमदनी प्राप्त की जा सकती है. एक्सपर्ट से जानिए कमाई का पूरा फॉर्मूला और सब्सिडी की जानकारी.
मुरादाबाद: अगर आप गांव में रहकर अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं और पशुपालन के जरिए अच्छी कमाई करने की योजना बना रहे हैं तो सुअर पालन आपके लिए एक विकल्प हो सकता है. उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में युवा वैज्ञानिक तरीके से सुअर पालन शुरू कर रोजगार का अवसर तलाश सकते हैं. इस व्यवसाय में सुअर के बच्चों की बिक्री और मांस उत्पादन के लिए तैयार पशुओं को बेचकर आमदनी प्राप्त की जा सकती है.
कम जगह में शुरू कर सकते हैं कारोबार
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता के ने बताया कि किसान कम जगह में भी वैज्ञानिक तरीके से सुअर पालन का काम शुरू कर सकते हैं. इसके लिए पशुओं को रखने की साफ-सुथरी जगह, उचित आहार, पानी और बीमारियों से बचाव की व्यवस्था जरूरी है. शुरुआत में पांच मादा सुअर और एक नर सुअर के साथ फार्म स्थापित किया जा सकता है. इससे प्रजनन के जरिए सुअरों की संख्या बढ़ाने और कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है.
उन्होंने बताया कि व्हाइट यॉर्कशायर सुअर पालन के लिए एक उपयोगी नस्ल है. किसान इस नस्ल के पशुओं का चयन कर सकते हैं. नस्ल खरीदने से पहले स्थानीय बाजार में उसकी मांग, प्रजनन क्षमता और उपलब्धता की जानकारी जरूर लेनी चाहिए
अच्छी नस्ल का करें चयन
अच्छी नस्ल के स्वस्थ पशुओं का चयन करने के साथ संतुलित आहार और नियमित देखभाल से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. अच्छी देखभाल और अनुकूल परिस्थितियों में एक मादा सुअर सालभर में कई बच्चों को जन्म दे सकती है. बच्चों की संख्या नस्ल, उम्र, स्वास्थ्य और प्रबंधन पर निर्भर करती है. बच्चों को उचित आहार देकर तेजी से बढ़ाया जा सकता है. लगभग सात महीने में कुछ पशु एक क्विंटल तक वजन प्राप्त कर सकते हैं. इसके बाद बाजार की मांग के अनुसार पशुओं की बिक्री की जा सकती है, जिन्हें बेचकर लाखों रुपए का मुनाफा कमाया जा सकता है.
सूअर पालन शुरू करने में कितना खर्च
50 मादा और 5 नर सूअरों की प्रजनन इकाई लगाने में शेड, पशु, उपकरण और शुरुआती खर्च मिलाकर करीब 30 से 40 लाख रुपये का बजट बन सकता है. कमाई बच्चों की बिक्री, बाजार भाव और चारे के खर्च पर निर्भर करेगी. राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पात्र इकाई पर अधिकतम 15 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है. आवेदन के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन पोर्टल पर जानकारी लें और मुरादाबाद के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें.

