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sheetal devi creates history: एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की संख्या 88 तक पहुंच गई है. बिना हाथों के तीरंदाज शीतल देवी ने दो घंटे से भी कम समय में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया. एथलेटिक्स दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 52 पदक जीते, जिसमें शैलेश कुमार और सोलाइराज धर्मराज के रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन शामिल रहे. तैराकी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया.
सैल्यूट है शीतल देवी को, जिन्होंने दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद रचा इतिहास.
नई दिल्ली. एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है. भारत के पदकों की कुल संख्या 88 तक पहुंच गई है, जिसमें 21 गोल्ड, 26 रजत और 41 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. इस स्वर्णिम सफर में भारतीय एथलेटिक्स दल ने सबसे बड़ा योगदान दिया है, जिसने अकेले 52 पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया.
दिन की सबसे बड़ी स्टार 19 वर्षीय तीरंदाज शीतल देवी (Sheetal Devi) रहीं. दोनों हाथों से रहित (भुजाहीन) विश्व की नंबर एक तीरंदाज शीतल ने दो घंटे से भी कम समय में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया. उन्होंने सबसे पहले तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक बरकरार रखा. भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया. इसके तुरंत बाद, शीतल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में चार अंक से पिछड़ने के बावजूद सिंगापुर की अलीम नूर शाहिदा को 142-139 से हराकर दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया. यह मुकाबला हांगझोउ 2023 के व्यक्तिगत फाइनल का ही दोहराव था. तीरंदाजी में स्वाति चौधरी ने भी डब्ल्यू1 वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा और इस वर्ग में भारत को पहला पदक दिलाया.
एथलेटिक्स और ट्रैक एवं फील्ड का दबदबा
ट्रैक एवं फील्ड में भारत का दबदबा पूरी तरह कायम रहा. दिन की शुरुआत सुवर्णा राज के स्वर्ण पदक के साथ हुई. व्हीलचेयर पर निर्भर 44 वर्षीय सुवर्णा ने महिलाओं की एफ54 चक्का फेंक स्पर्धा में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की. पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में भारत ने क्लीन स्विप करते हुए तीनों पदक अपने नाम किए. शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता. वहीं, पूर्व पैरालंपिक पदक विजेता वरुण भाटी ने 1.84 मीटर की छलांग के साथ रजत और राहुल ने 1.81 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया.
दौड़ स्पर्धाओं में भी भारतीयों का जलवा रहा. महिलाओं की 400 मीटर टी47 दौड़ में अंजनाबेन बुंबाडिया ने 59.97 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत की जयंति बेहेडा ने रजत पदक अपने नाम किया. पुरुषों की 400 मीटर टी47 दौड़ में दिलीप महादू गावित ने 48.27 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता, जो इस प्रतियोगिता में उनका दूसरा स्वर्ण रहा. लंबी कूद के स्टार सोलाइराज धर्मराज ने टी44/टी62/टी64 की संयुक्त स्पर्धा में 7.15 मीटर की छलांग लगाकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया और अपना खिताब बरकरार रखा. वहीं, दृष्टिबाधित एथलीट तेजलबेन दामोर ने महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में रजत पदक जीता, जो इन खेलों में उनका दूसरा पदक है.
तैराकी में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
तैराकी पूल में भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों की संख्या 10 तक पहुंचा दी है. 18 वर्षीय दृष्टिबाधित तैराक रवि बुडिगिना ने पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी की. कपिल कुमार ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस10 में रजत पदक जीता, जबकि स्वातिक पाटिल ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी9 में और तेजस नंदकुमार ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस7 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किए.
बैडमिंटन में खिताबी भिड़ंत की तैयारी
बैडमिंटन कोर्ट से भी भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई. पुरुष एकल एसएल3 स्पर्धा में भारत के लिए कम से कम रजत पदक पक्का हो गया है. छह बार के विश्व चैंपियन प्रमोद भगत ने दो घंटे से अधिक चले कड़े मुकाबले में कोरिया के ली सियुंघू को हराकर फाइनल में प्रवेश किया. अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना हमवतन और पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार से होगा. नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 और थुलासिमथी मुरुगेसन के साथ मिश्रित युगल दोनों स्पर्धाओं के फाइनल में पहुंचकर दो स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद कायम रखी है. इसके अलावा नवीन शिवकुमार ने भी पुरुष एकल एसएल4 के फाइनल में जगह बना ली है.
टेबल टेनिस में कांस्य पदक
टेबल टेनिस में भाविना पटेल और शुभम वाधवा की जोड़ी ने मिश्रित युगल एक्सडी7 स्पर्धा के सेमीफाइनल तक का सफर तय कर कांस्य पदक अपने नाम किया. एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का यह सर्वकालिक बेहतरीन प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत, अटूट जज्बे और प्रतिभा को दर्शाता है.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

