लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने शहीद जवानों के बलिदान और उनकी बहादुरी को याद करने के लिए शॉर्ट फिल्म ‘वर्दी’ रिलीज की है. मशहूर फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में एसटीएफ के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की कहानी को खास जगह दी गई है. कीर्ति चक्र से सम्मानित सुनील कुमार ने जनवरी 2025 में शामली में बदमाशों के साथ मुठभेड़ के दौरान बहादुरी से मुकाबला किया था. गंभीर रूप से घायल होने के बाद 22 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया था.
पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर रिलीज की गई इस फिल्म का मकसद ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देना है. फिल्म को उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया है. इसमें वर्दी पहनकर देश और समाज की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्य और बलिदान को दिखाया गया है.
शामली मुठभेड़ में घायल हुए थे इंस्पेक्टर सुनील कुमार
इंस्पेक्टर सुनील कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में तैनात थे. 20 और 21 जनवरी 2025 की दरमियानी रात शामली में उनकी टीम का मुकीम काला गैंग से जुड़े बदमाशों के साथ सामना हुआ था. इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई.
बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में इंस्पेक्टर सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बावजूद उनकी टीम ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी. इस मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद समेत चार बदमाश मारे गए थे.
मुठभेड़ में घायल सुनील कुमार को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन 22 जनवरी 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके बलिदान को देखते हुए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया. अब शॉर्ट फिल्म ‘वर्दी’ के जरिए उनकी बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है.
अमित साध और अलका अमीन भी आएंगे नजर
फिल्म ‘वर्दी’ में बॉलीवुड अभिनेता अमित साध, टेलीविजन अभिनेत्री अलका अमीन और नाजिश खान ने अभिनय किया है. फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने किया है, जो अपनी फिल्मों और कहानियों के लिए जाने जाते हैं.
इस फिल्म की स्क्रिप्ट उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर में तैनात कॉन्स्टेबल कपिल दिनकर ने लिखी है. उन्होंने ही फिल्म में वॉयस ओवर भी दिया है. वहीं, फिल्म का क्रिएटिव डायरेक्शन उत्तर प्रदेश के डीजीपी के जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने किया है.
फिल्म का निर्माण उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से किया गया है. पुलिस विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे जारी कर लोगों तक शहीद पुलिसकर्मियों की कहानियां पहुंचाने की पहल की गई है.
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई. पुलिस की नौकरी में अपराधियों से मुकाबला करने से लेकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक कई तरह की चुनौतियां होती हैं. ऐसे में शहीद जवानों की कहानियां उनके समर्पण और जिम्मेदारी को सामने लाती हैं.

