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हिंदी सिनेमा में अब सिर्फ हीरो के दम पर फिल्में हिट होने का दौर बदलता नजर आ रहा है. ‘स्त्री’ और ‘मुंज्या’ के बाद अब ‘नई नवेली’ भी चर्चा में है. महिला किरदार वाली कहानी की सबसे अहम कड़ी बनकर उभरी रही इस फिल्म को भी लोग पसंद कर रहे हैं. दर्शकों को अब सिर्फ बड़े सितारों का नहीं, बल्कि दमदार महिला किरदारों और उनसे जुड़े रहस्यों का भी इंतजार रहता है. यही वजह है कि हिंदी फिल्मों में महिला किरदार अब कहानी की जान बनने के साथ-साथ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचकर लाने का काम भी कर रहे हैं.
नई दिल्ली. एक वक्त था जब फिल्मों में महिला किरदार सिर्फ हीरो के इर्द-गिर्द घूमते या डांस करते ही नजर आते थे. लेकिन आज वक्त काफी बदल चुका है. आज एक्ट्रेस अपने दम पर हिट दे रही हैं. इतना ही नहीं एक्ट्रेसेस अपने दम पर दर्शकों को थिएटर तक लाने का भी काम कर रहे हैं. हाल ही में आई नई नवेली इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. यामी गौतम की ये फिल्म दर्शकों का दिल जीत रही है. एक्ट्रेस ने अपने दम पर फिल्म के जरिए लोगों को दिलों पर कब्जा कर लिया है.
स्त्री और मुंज्या जैसी फिल्मों के बाद अब नई नवेली भी इस बात को दिखा रही है कि अगर कहानी दमदार हो और महिला किरदार में कुछ खास बात हो, तो दर्शक उसे देखने के लिए भी सिनेमाघरों तक पहुंचते हैं. इस बदलाव को समझने के लिए स्त्री, मुंज्या और अब नई नवेली जैसी फिल्मों को देखा जा सकता है.
जहां स्त्री में श्रद्धा कपूर के किरदार को लेकर शुरू से ही रहस्य बना रहा, जिसने दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखी. फिल्म में उनका किरदार कहानी का ऐसा अहम हिस्सा था, जिसके बारे में जानने के लिए दर्शक एक्साइटडे रहते हैं.
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वहीं, मुंज्या में शरवरी की भूमिका भी कहानी को आगे बढ़ाने में अहम रही. फिल्म की अलौकिक कहानी और उससे जुड़े रहस्य ने दर्शकों का ध्यान खींचा. अब नई नवेली में यामी गौतम के किरदार को लेकर भी लोगों के बीच उत्सुकता देखने को मिल रही है. फिल्म की कहानी में उनका किरदार अहम भूमिका निभाता है और यही बात इसे चर्चा में बनाए रखने में मदद करती है.
इन फिल्मों की खास बात यह है कि यहां महिला किरदार केवल हीरो का साथ देने या कहानी में रोमांस जोड़ने के लिए नहीं हैं. वे कहानी के रहस्य, रोमांच और दिलचस्प मोड़ का अहम हिस्सा हैं. यानी अब दर्शक सिर्फ हीरो को एक्शन करते या मुश्किलों से लड़ते देखने के लिए ही फिल्म नहीं देख रहे, बल्कि ऐसी कहानियों में भी दिलचस्पी ले रहे हैं, जिनका सबसे बड़ा आकर्षण कोई महिला किरदार हो.जिस तरह नई नवेली में यामी का रोल है.
यह बदलाव हिंदी फिल्मों के लिए भी काफी अहम है. पहले माना जाता था कि महिला किरदारों के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानियां सीमित दर्शकों को ही पसंद आएंगी. लेकिन अब हॉरर और सुपरनैचुरल जैसी फिल्मों में महिला किरदारों को कहानी का केंद्र बनाकर भी दर्शकों का ध्यान खींचा जा रहा है. इससे यह बात सामने आती है कि दर्शकों को सिर्फ बड़े सितारे ही नहीं, बल्कि दिलचस्प कहानी और मजबूत किरदार भी सिनेमाघरों तक लाते हैं. नई नवेली ने भी इस बात को सच कर दिया है.
नई नवेली की बॉक्स ऑफिस पर अब तक 25.2 करोड़ रुपये की कमाई की खबर भी इसी चर्चा को आगे बढ़ाती है. फिल्म का प्रदर्शन इस बात की ओर इशारा करता है कि दर्शकों के बीच अलग तरह की कहानियों के लिए जगह बनी हुई है. अब किसी फिल्म में महिला किरदार को सबसे अहम भूमिका देना केवल एक प्रयोग नहीं रह गया है, बल्कि यह कहानी कहने का ऐसा तरीका बन रहा है, जो दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा सकता है.
कुल मिलाकर, स्त्री और मुंज्या से लेकर नई नवेली तक, हिंदी सिनेमा में महिला किरदारों की अहमियत लगातार चर्चा में है. अब फिल्म की पहचान सिर्फ उसके हीरो से नहीं बनती, बल्कि इस बात से भी बनती है कि उसकी कहानी कितनी दिलचस्प है और उसके किरदार दर्शकों पर कितना असर छोड़ते हैं. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि हिंदी सिनेमा इस बदलाव को किस तरह आगे बढ़ाता है.

