नागोया. एशियाई पैरा खेलों में भारतीय पैरा एथलीटों का ऐतिहासिक और स्वर्णिम प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रतियोगिता के एक बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक दिन में भारतीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों ने अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हुए आज पांच स्वर्ण पदकों समेत कुल 18 पदक देश की झोली में डाले. इस धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय दल ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाते हुए पांचवें स्थान पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है.
बुधवार का दिन भारत के लिए पूरी तरह से पदकों की बरसात लेकर आया. फर्राटा धाविका सिमरन ने महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा में 12.02 सेकंड के शानदार और नए खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया. यह एशियाई पैरा खेलों में उनका दूसरा स्वर्ण पदक है. सिमरन ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान की धाविका हजार सफरजादेह को पीछे छोड़ा, जो 12.30 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहीं. इससे पहले मंगलवार को भी सिमरन ने नए रिकॉर्ड के साथ 200 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था.
सिमरन ने पैरा एशियाई खेलों में दो दिन में जीता दूसरा गोल्ड मेडल.
पुरुषों की ऊंची कूद में प्रवीण कुमार का स्वर्ण और बंटी का रजत
उधर, पुरुषों के वर्ग में भी भारत का परचम लहराया. पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में प्रवीण कुमार ने शानदार छलांग लगाते हुए 2.05 मीटर के प्रयास के साथ खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसी स्पर्धा में देश के एक अन्य एथलीट बंटी ने 1.92 मीटर की कूद लगाकर रजत पदक हासिल किया और पोडियम पर भारत का दबदबा बनाया.
शॉटपुट स्पर्धा में भारत का क्लीन स्वीप और रिकॉर्ड प्रदर्शन
शॉटपुट के मैदान पर तो भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास ही रच दिया. पुरुषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में भारत ने ‘क्लीन स्वीप’ करते हुए तीनों पदक अपनी झोली में डाल लिए. सचिन खिलारी ने एशियाई पैरा खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता. उनके अलावा भारत के ही मोहम्मद यासर ने अपने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक हासिल किया, जबकि परवीन ने 14.94 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया.
ट्रैक स्पर्धाओं में दिलीप गावित और आयुष वर्मा की शानदार सफलता
इसके अलावा ट्रैक पर दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.69 सेकंड का बेहतरीन समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के ही मोहम्मद मोर्सिंगनाकथ ने 10.72 सेकंड का समय निकालकर इसी स्पर्धा का रजत पदक अपने नाम किया. दिन की शुरुआत में भारत को पहला पदक आयुष वर्मा ने दिलाया, जिन्होंने पुरुषों की शॉटपुट एफ53 स्पर्धा के अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक जीतकर शानदार शुरुआत की.
पैरा तीरंदाजी, तैराकी और बैडमिंटन में भारत के अन्य पदक
पैरा एथलेटिक्स के इतर अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की. पैरा तीरंदाजी में भुजाहीन कंपाउंड तीरंदाज शीतल देवी ने महिला युगल स्पर्धा में पायल नाग के साथ मिलकर बेहद सराहनीय प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. पैरा तैराकी में रवि कार्तिक बुदिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 श्रेणी में शानदार तैराकी करते हुए इन खेलों का अपना दूसरा रजत पदक जीता. हिमांशु नंदल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल करते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक देश को दिलाया.
पैरा बैडमिंटन और पावरलिफ्टिंग में भी लहराया परचम
पैरा बैडमिंटन मुकाबलों में कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ की जोड़ी ने पुरुषों की युगल एसएच6 स्पर्धा में रजत पदक जीता. हालांकि, उन्हें तीन मैचों में एक जीत और दो हार का सामना करना पड़ा, लेकिन केवल चार टीमें होने के कारण ग्रुप में स्थिति के आधार पर पदक तय किए गए. एसएल4 वर्ग में गत चैंपियन सुहास एल वाई, नवीन सिवाकुमार और अभिजीत सखुजा ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है. पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में पोलियो से जूझ रही कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए रजत पदक हासिल किया.
पदक तालिका में भारत की स्थिति और आगे की उम्मीदें
भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है. भारत ने अब तक 14 स्वर्ण, 21 रजत और 27 कांस्य पदक जीत लिए हैं. खास बात यह है कि भारत को मिले कुल 14 स्वर्ण पदकों में से 13 अकेले पैरा एथलेटिक्स दल ने जीते हैं. एथलेटिक्स में भारत कुल 62 स्पर्धाओं में भाग ले रहा है और उसे 60 स्पर्धाओं में पदक जीतने की पूरी उम्मीद है. प्रतियोगिता के अभी दो दिन शेष बचे हैं और भारतीय खिलाड़ी जिस बेहतरीन लय में चल रहे हैं, उससे देश को पदकों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की पूरी उम्मीद है.

