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भोजपुरी की मशहूर पार्श्व गायिका देवी ने अपने जीवन के फैसलों, आईवीएफ के जरिए मां बनने की यात्रा और संगीत करियर को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अपने फैसलों पर रिग्रेट नहीं किया है. 6 साल की उम्र में स्टेज प्रोग्राम करने वाली गायिका देवी ने मां बनने के लिए 10 साल तक प्रयास किया और फिर जर्मनी में आईवीएफ के जरिए मां बनी..
जमुई. भोजपुरी की मशहूर पार्श्व गायिका देवी का जीवन केवल एक फोन कॉल में बदल दिया था. जब वह अपने जीवन में आगे बढ़ना चाह रही थी, उस वक्त जर्मनी से उनकी एक दोस्त ने फोन किया. इसके बाद उन्होंने अपने जीवन का एक अलग ही रास्ता चुन लिया. बताते चलें की देवी एक सिंगल मां हैं, और उन्होंने आईवीएफ के जरिए एक बच्चे को जन्म दिया है. इसे लेकर देवी ने कहा कि मैंने 10 साल उस बच्चे के लिए प्रयास किया था. साल 2015 में मैंने पहला अटेम्प्ट किया था, लेकिन वह असफल रहा था. उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि आपको कोई ऐसा पार्टनर नहीं मिल पाता है, जिसके साथ आप जीवन बिताना चाहते हैं, तब मैंने ऐसा फैसला लिया था. इसी बीच जर्मनी से मेरी दोस्त का फोन आया, और उसने बताया कि जर्मनी में आईवीएफ के जरिए कोई भी सिंगल मदर बन सकता है. हालांकि, उस वक्त भारत में यह सुविधा नहीं थी, तब मैं जर्मनी गई और लगातार 10 साल के प्रयास के बाद मैंने अपने बच्चों को जन्म दिया.
देवी ने कहा कि मैंने कभी भी अपने किसी भी निर्णय पर रिग्रेट नहीं किया है. मुझे अगर कभी यह लगा कि मैंने कोई गलत फैसला लिया है, तो मेरा यह मानना है कि वह इस समय होना था, इसलिए मेरे द्वारा वह फैसला लिया गया. इसलिए मैंने कभी उस फैसले को लेकर इतना सोचा नहीं है. उन्होंने कहा कि गलतियां जीवन के लिए बहुत जरूरी है. क्योंकि जो होता है अच्छे के लिए होता है. जीवन अच्छा होना चाहिए, मैं इस बात पर ध्यान देती हूं. उन्होंने कहा कि इंसान अगर कभी कोई गलत फैसला लेता है, तो वह उससे सीखता है और वह उसे अगली बार सुधार सकता है. उन्होंने कहा कि मेरा जीवन बहुत उलझा हुआ रहा है, मुझे बहुत ज्यादा परेशानी नहीं हुई है.
23 साल में बदल गया बहुत कुछ
गायिका देवी ने कहा कि साल 2003 में मेरा पहला एल्बम आया था, उस समय बहुत कठिनाइयां होती थी. किसी भी कलाकार को एल्बम निकालने के लिए बहुत मशक्कत करना पड़ता था. अलग-अलग कंपनियों के पास जाना पड़ता था. लेकिन आज वह दौर बदल गया है. अब सोशल मीडिया लोगों की मुट्ठी में है. लोग अपनी कला को ऐसे ही लोगों के सामने दिखा पाते हैं, यह बहुत बड़ा परिवर्तन है. उन्होंने बताया कि मेरी माता और पिता दोनों प्रोफेसर थे और दोनों संगीत के बहुत बड़े शौकीन थे. बचपन से ही घर में संगीत का माहौल रहा है. उन्होंने बताया कि 6 साल की उम्र में मैंने पहली बार कोई स्टेज प्रोग्राम किया था, और तब से लगातार संगीत से जुड़ी रही हूं. 15 साल की उम्र में मेरा पहला एल्बम आया और इन 23 सालों में मैंने यही देखा है कि जो अच्छी चीजें होती है वह लोगों को हमेशा याद रह जाती है.
पिता का जीवन में रहा है बहुत बड़ा प्रभाव
देवी ने कहा कि मेरे जीवन में मेरे पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उन्होंने मुझे हर समय मार्गदर्शन दिया है. उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया है, खास करके जीवन के पहलुओं में उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया है. अपने मातृत्व को लेकर देवी ने कहा कि मां बनने का सुख बहुत अद्भुत है. एक महिला के लिए मां बनने की भावना कोई बयान नहीं कर सकता है. देवी ने कहा कि बच्चों के साथ एक ऐसा संबंध होता है, जिसमें आपकी कोई उम्मीद नहीं होती है. आप केवल अपने बच्चों को देना ही चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जब आप किसी व्यक्ति से प्रेम करते हैं तो उसमें कहीं ना कहीं कुछ एक्सपेक्टेशन जुड़ जाता है, लेकिन बच्चों के साथ ऐसा नहीं होता. बच्चे इतने भोले होते हैं कि आप उसे हृदय से जुड़े रहते हैं. उन्होंने कहा कि जमुई से भी मेरा एक खास जुड़ाव रहा है. करीब 10 साल पहले मैंने यहां एक ऐसा प्रोग्राम किया था, जो मेरे जीवन का सबसे बड़ा और सबसे खास प्रोग्राम था. जिसमें बहुत सारे लोग आए थे, आज भी मुझे वह समय बिल्कुल याद आता है.
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