Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीले पदार्थों के कार्रवाई में दो सिंथेटिक ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया है. गौतम बुद्ध नगर जिले के जहांनाबाद कादलपुर गांव में किराए की जगहों पर चल रही इन कथित लैब से 379.740 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ, 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन, विभिन्न रसायन और लैब उपकरण बरामद किए गए हैं. ये कार्रवाई ऑपरेशन क्रिस्टल हंट के तहत की गई थी. एनसीबी के इस कार्रवाई पर गृहमंत्री अमित शाह ने टीम को शाबाशी दी है.
दरअसल, एनीसीबी की टीम को छापेमारी के दौरान दोनों लैब से कुल 379.740 किलो एंफेटामाइन मिला है. इसमें 4.260 किलो ठोस ड्रग्स, 157.700 किलो अधपका ड्रग्स और 217.780 किलो लिक्विड के रूप में 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन मिला है. जांच एजेंसियों ने बताया कि जितना नशीला पदार्थ मिला है इससे लगभग 56 किलो तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनाई जा सकती थी. मौके से हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट जैसे कई खतरनाक केमिकल और बड़े हीटिंग उपकरण, कांच के रिएक्शन वेसल व ड्रम भी जब्त किए गए हैं.
गृहमंत्री अमित शाह ने दी शाबाशी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर एनसीबी की कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई है. उन्होंने दिसंबर 2029 तक ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करने के लक्ष्य तथा नशामुक्त भारत के संकल्प की बात कही.
गृहमंत्री अमित शाह का पोस्ट
गृहमंत्री ने जो लिखा-
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दो खुफिया ड्रग लैब का भंडाफोड़ करके एक बड़ी कामयाबी हासिल की गई है. इस ऑपरेशन में भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स, ड्रग प्रीकर्सर और इक्विपमेंट ज़ब्त किए गए, और एक विदेशी नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. यह इंटेलिजेंस के दम पर कार्रवाई का एक शानदार उदाहरण है और मोदी जी के नशामुक्त भारत मिशन के तहत अपनाए गए नारकोटिक्स कंट्रोल 2026–2029 पर विज़न डॉक्यूमेंट के मुताबिक, दिसंबर 2029 से पहले ड्रग कार्टेल को खत्म करने के हमारे पक्के इरादे का सबूत है. इस बड़ी कामयाबी के लिए NCB को बधाई.
दो आरोपी गिरफ्तार, एक विदेशी
इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें आरोपियों की पहचान विदेशी नागरिक डेस्टिनी अब्राहम डंबिरी और मिजोरम के रहने वाले लाल्लावमजुआली उर्फ ओलिविया लालछाविमावी के रूप में हुई है. एनसीबी के अनुसार, डंबिरी ने खुद को नाइजीरियाई नागरिक बताया था. हालांकि, इमिग्रेशन रिकॉर्ड के मुताबिक, वह जनवरी 2020 में फ्रांसिस कालोकोह नाम से सिएरा लियोन के नागरिक के रूप में भारत आया था. उसके वीजा और अलग-अलग पहचानों की भी जांच की जा रही है.
वहीं, दूसरी आरोपी ओलिविया को मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर हेरोइन से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उसके चेक-इन बैगेज से 313 ग्राम हेरोइन युक्त पाउडर बरामद हुआ था. वह उस मामले में जमानत पर है. अब एनसीबी अब इस नेटवर्क के फाइनेंसियल तह तक जाने की कोशिश कर रही है. वहीं, ड्रग्स सप्लाई की चेन का भी पता करने की कोशिश की जा रही है.
2024 में भी पकड़ी गई थी ड्रग्स लैब
गौतम बुद्ध नगर में इससे पहले अक्टूबर 2024 में कासना इंडस्ट्रियल एरिया में एक अवैध सिंथेटिक ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया गया था. उस कार्रवाई में करीब 95.5 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स ठोस और तरल रूप में बरामद हुई थी. उस मामले की जांच में मैक्सिको के ड्रग्स कार्टेल CJNG से संदिग्ध संबंध सामने आए थे.

