• Contact US
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

agriculture | farming news | potato farming | muli ki kheti | आलू के साथ किसान उगाएं ये फसल, 50 दिनों में हो जाएगी तैयार, एक ही खेत में होगी डबल कमाई

Admin by Admin
October 17, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
agriculture | farming news | potato farming | muli ki kheti | आलू के साथ किसान उगाएं ये फसल, 50 दिनों में हो जाएगी तैयार, एक ही खेत में होगी डबल कमाई


Last Updated:October 17, 2026, 19:59 IST

Sultanpur News: किसान अगर आलू की खेती करने की तैयारी में हैं, तो इससे पहले एक जुगाड़ जान लें, ताकि आपकी डबल कमाई हो सके. आपके लिए यह खास तरीका फायदेमंद साबित हो सकता है.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

सुल्तानपुर: अगर आप किसान हैं और आलू की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए एक खास तरीका फायदेमंद साबित हो सकता है. आलू की बुवाई के समय खेत में खाली जगह का सही इस्तेमाल करके आप एक अतिरिक्त फसल भी उगा सकते हैं. इससे कम जमीन में दो फसलों से कमाई का मौका मिल सकता है. खास बात यह है कि इस फसल की तैयारी आलू की फसल से पहले हो जाती है, जिससे किसान समय रहते इसकी उपज बाजार में बेच सकते हैं. आइए जानते हैं कि आलू के बरहे में कौन-सी फसल बोना फायदेमंद हो सकता है और इसकी खेती कैसे करें.

गाजर और मूली की खेती से मिल सकता है फायदा
आलू के साथ गाजर और मूली की खेती करना किसानों के लिए एक विकल्प हो सकता है. सुल्तानपुर कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. सी.के. त्रिपाठी ने लोकल 18 से बताया कि ये दोनों जड़ वाली सब्जियां हैं और इनकी कुछ किस्में कम समय में तैयार हो जाती हैं. किसान स्थानीय मौसम और मिट्टी के अनुसार उपयुक्त किस्म का चुनाव कर सकते हैं.

मूली की फसल कई किस्मों में लगभग 25 से 50 दिनों में तैयार हो सकती है, जबकि गाजर को तैयार होने में आमतौर पर इससे अधिक समय लगता है. इसलिए फसल का चयन करते समय आलू की बुवाई और खुदाई के समय का ध्यान रखना चाहिए. साथ ही ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि दोनों फसलों की बढ़वार प्रभावित न हो.

हरी धनिया और सौंफ भी हैं विकल्प
आलू के बरहे में हरी धनिया की बुवाई भी की जा सकती है. हरी धनिया कम समय में तैयार होने वाली फसल है और इसकी पत्तियों की बाजार में मांग बनी रहती है. किसान स्थानीय बाजार की जरूरत के हिसाब से इसकी बुवाई कर सकते हैं. इसके अलावा सौंफ भी एक विकल्प है, लेकिन इसकी फसल अवधि और बढ़वार को ध्यान में रखकर ही इसे लगाना चाहिए. सौंफ को आलू के साथ उगाने से पहले खेत में पर्याप्त जगह और दोनों फसलों की पोषण संबंधी जरूरतों का आकलन करना जरूरी है.

बुवाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान
आलू के बरहे में दूसरी फसल उगाने से पहले किसान यह जरूर देखें कि दोनों फसलों को पर्याप्त धूप, पानी और पोषक तत्व मिल सकें. जरूरत से ज्यादा घनी बुवाई करने पर पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है. सिंचाई करते समय भी ध्यान रखें कि खेत में पानी जमा न हो, क्योंकि आलू की फसल में जलभराव नुकसान पहुंचा सकता है. खाद और उर्वरक का इस्तेमाल मिट्टी की जरूरत के अनुसार करें. सबसे जरूरी बात यह है कि इस पारंपरिक तरीके से अतिरिक्त कमाई की संभावना जरूर बन सकती है, लेकिन उत्पादन और मुनाफा मौसम, बाजार भाव और खेती के प्रबंधन पर निर्भर करेगा. किसान अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही फसल का चयन करें.

About the Author

authorimg

आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

और पढ़ें

Location :

Sultanpur,Uttar Pradesh

First Published :

October 17, 2026, 19:59 IST



Source link

Views: 70
Download Sonebhadra Live App
Previous Post

रेणुकूट. थाना प्रभारी ने एक दर्जन दुर्गा पूजा पंडालों का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था पर दिए निर्देश

Next Post

दुद्धी. वार्ड नंबर-1 में खुला कुआं बना खतरा, जाली से ढकने की मांग

Next Post

दुद्धी. वार्ड नंबर-1 में खुला कुआं बना खतरा, जाली से ढकने की मांग

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement