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Bahraich News: बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक की रहने वाली निधि अवस्थी आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. ग्रेजुएशन और M.A. तक की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी निधि ने पारंपरिक दायरों को तोड़ते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज की युवा पीढ़ी को प्रेरित करती है. आइए उनकी इस पहल के बारे में जानते हैं.
बहराइच: जिले के तेजवापुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम धीरवान की रहने वाली निधि अवस्थी आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. छह बहनों में सबसे बड़ी और घर में भाई न होने की वजह से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया. ग्रेजुएशन और M.A. तक की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी निधि ने पारंपरिक दायरों को तोड़ते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज की युवा पीढ़ी को प्रेरित करती है.
जिम्मेदारियों के पहिए पर थमी जिंदगी
ग्रामीण परिवेश में जहां आज भी लड़कियों का अकेले बाहर निकलना या दोपहिया वाहन चलाना रूढ़िवादी सोच के दायरे में प्रतिबंधित माना जाता है, वहीं निधि ने अपने परिवार की खातिर इस दीवार को गिरा दिया. घर में कोई भाई न होने के कारण खेत-खलिहान के काम, खाद-बीज लाना, बाजार से घर का सामान ढोना और परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर अस्पताल दौड़ने की जिम्मेदारी निधि के कंधों पर आ गई.
परिस्थितियों से मुकाबला करते हुए उन्होंने बिना किसी झिझक के लगभग 21-22 वर्ष की उम्र में खुद ही मोटर साइकिल चलाना सीखा. पिता और परिवार के पूरे सहयोग से उन्होंने यह साबित कर दिया कि बेटियां बेटों से कम नहीं होतीं. आज वे पिछले 8 सालों से बेधड़क और आत्मविश्वास के साथ बाइक चलाकर अपने परिवार का हर एक जरूरी काम खुद संभाल रही हैं.
कृषि कार्यों से लेकर सुरों की दुनिया तक का सफर
पढ़ाई और घर की जिम्मेदारियों को संभालने के साथ-साथ निधि कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेती रहती हैं. कृषि क्षेत्र में उनकी यह रुचि उन्हें अन्य युवाओं से अलग खड़ा करती है. इसके साथ ही, उनके भीतर संगीत के प्रति एक गहरी दीवानगी है. बचपन से ही गुनगुनाने का शौक रखने वाली निधि ने हारमोनियम जैसे वाद्ययंत्रों के सहारे अपनी गायकी को निखारना शुरू किया.
कला को खुले दिल से सराहा
‘जब निधि ने रामकथा और मीरा बाई के प्रसिद्ध भजन एक राधा एक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा…’ को अपनी सुरीली आवाज में गाया, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उनकी कला को खुले दिल से सराहा और उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. तानों और सामाजिक पाबंदियों की परवाह किए बिना निधि ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी रुकावट इंसान को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती. कृषि में योगदान, सुरों की साधना और हाथों में मोटरसाइकिल का हैंडल थामकर घर की धुरी संभालने वाली निधि अवस्थी आज बहराइच की उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं, जो अपने सपनों को पंख देना चाहती हैं.

