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Meerut Snake Bite Case: मेरठ की एडीजे कोर्ट ने पति अमित कश्यप की हत्या कर बिस्तर पर सांप छोड़ने वाली महिला रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है. 131 पन्नों के अपने फैसले में जज ने मनुस्मृति के श्लोक का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि दंड का भय समाज को नियंत्रण में रखता है. दोनों आरोपियों ने मिलकर 12 अप्रैल 2025 को गला घोंटकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था. अदालत ने इसे रिश्तों की कत्ल माना.
अमित केस में पत्नी और प्रेमी जज ने मनुस्मृति का श्लोक पढ़ा.
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पति की हत्या के बाद बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ने वाले मामले में सत्र न्यायलय का फैसला आ गया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने मात्र 13 महीने के भीतर इस मामले की सुनवाई पूरी की. उन्होंने मृतक अमित कश्यप की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी का माना. कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. अपना फैसला पढ़ने के दौरान न्यायलय ने मनुस्मृति और सावित्री के पतिव्रता का जिक्र करते हुए रिश्तों का कद्र करना समझाया.
अपने 131 पन्नों के इस फैसले में जज ने भारतीय न्याय व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए अनूठे उदाहरण पेश किए. अदालत ने फैसले की शुरुआत मनुस्मृति के एक प्रसिद्ध श्लोक से की. इसमें कहा गया है कि ‘दंड का भय समाज को नियंत्रण में रखता है, और दंड के अभाव में दुष्ट लोग धर्मपरायण व्यक्तियों को अपना शिकार बनाएंगे.’ इसके साथ ही अदालत ने पौराणिक पात्र सावित्री का भी विशेष उल्लेख किया, जो अपने पति के प्राण के लिए यमराज से भिड़ गईं थीं. कोर्ट ने साफ किया कि पौराणिक कथाओं में पत्नी को पति की अर्धांगिनी माना गया है, लेकिन इस मामले में पत्नी ने ही खौफनाक साजिश रचकर रिश्तों का कत्ल कर दिया.
क्या थी पूरी खौफनाक साजिश?
पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृत अमित कश्यप और मुख्य आरोपी अमरदीप दोनों दोस्त थे और साथ में टाइल-पत्थर लगाने का काम करते थे. करीब आठ-नौ महीने पहले रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध बन गए थे, जिसका विरोध करने पर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगा. इसी रास्ते के कांटे को हटाने के लिए 12 अप्रैल 2025 की रात अमरदीप ने एक सांप का इंतजाम कर उसे घर के बाहर छिपाया और फिर रविता ने उसे घर बुला लिया. दोनों ने मिलकर अमित का मुंह और गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी और वारदात को सांप के काटने से हुई दुर्घटना साबित करने के लिए बिस्तर पर सांप को छोड़ दिया था.
परिवार का दर्द और न्याय की जीत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि होने के बाद मृतक के भाई ने मुकदमा दर्ज कराया था. सुनवाई के दौरान 12 गवाहों की गवाही और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया. सुनवाई के दौरान रविता ने अपने तीन बच्चों के पालन-पोषण का हवाला देते हुए नरमी की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया. मृतक की मां और भाइयों ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस सजा से मृत आत्मा को शांति मिली है और न्याय की जीत हुई है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …

