News18 Mega Survey: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज को लेकर जनता की राय सामने आई है. News18 के मेगा सर्वे में कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सबसे ज्यादा 53 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को सकारात्मक माना. वहीं, नौकरी और रोजगार के मामले में सरकार को सबसे कम 33 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला. बिजली, सड़क, पानी, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी लोगों की राय सामने आई है. सर्वे के ये आंकड़े चुनाव से पहले सरकार के कामकाज को लेकर जनता की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं की झलक देते हैं.
News18 के सर्वे में लोगों से पूछा गया कि योगी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में कैसा काम किया है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था के मामले में 53 प्रतिशत लोग सरकार के कामकाज से काफी खुश हैं. यह सर्वे में शामिल मुद्दों में सबसे अधिक प्रतिशत है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था लंबे समय से एक अहम चुनावी मुद्दा रही है, इसलिए इस क्षेत्र का आंकड़ा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.
बुनियादी सुविधाओं यानी बिजली, सड़क और पानी के मामले में 45 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को अच्छा माना. सरकारी योजनाओं के लिए यह आंकड़ा 42 प्रतिशत रहा. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी 42 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को सकारात्मक आकलन दिया. वहीं, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को लेकर 43 प्रतिशत लोगों की राय सकारात्मक रही.
एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार में कितने संतुष्ट?
सर्वे में एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में 37 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को सकारात्मक माना. नौकरी और रोजगार के मुद्दे पर यह आंकड़ा घटकर 33 प्रतिशत रह गया. यानी सर्वे में शामिल सात क्षेत्रों में रोजगार को लेकर सकारात्मक राय जताने वालों का प्रतिशत सबसे कम रहा.
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कानून-व्यवस्था के मुकाबले रोजगार, शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे और दूसरी सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएं अलग-अलग हैं. हालांकि, उपलब्ध आंकड़े यह नहीं बताते कि बाकी उत्तरदाताओं ने सरकार के कामकाज को नकारात्मक माना, तटस्थ रहे या किसी अन्य विकल्प को चुना. इसलिए इन प्रतिशतों को सभी मतदाताओं की अंतिम राय या चुनावी नतीजों का संकेत मानना उचित नहीं होगा.
सभी 75 जिले शामिल
News18 के मुताबिक, यह सर्वे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच कराया गया. इसमें कुल 30,925 लोगों से बातचीत की गई. सर्वे टीमों ने घर-घर जाकर आमने-सामने सवाल पूछे. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के महिला और पुरुष इसमें शामिल किए गए. लोगों का चयन जिले की आबादी के हिसाब से किए जाने की बात कही गई है.
नोट: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले यह सर्वे कानून-व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दों पर जनता की राय का एक आकलन पेश करता है. उपलब्ध आंकड़ों में कानून-व्यवस्था सबसे आगे और रोजगार सबसे पीछे है. हालांकि, सर्वे के आधार पर चुनाव में किसी पार्टी की जीत या हार का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.

