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Agra News: आगरा का 56 साल पुराना खेरिया मोड़-ईदगाह आरओबी नवनिर्माण के चलते शुक्रवार से 90 दिनों के लिए बंद रहेगा. 10 करोड़ रुपये की लागत से इसके 12 गर्डर बदले जाएंगे. इस फैसले से रोजाना गुजरने वाले 2 लाख वाहन चालकों और खेरिया एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भारी जाम झेलना पड़ेगा. प्रशासन ने अर्जुन नगर तिराहे से बारह खंभा डबल फाटक होकर डायवर्जन तय किया है. निर्माण के दौरान रेलगाड़ियों का संचालन भी प्रभावित रहेगा.
खेरिया मोड़-ईदगाह ब्रिज 90 दिनों के लिए बंद, 10 करोड़ से बदलेंगे गर्डर (फोटो-AI)
Agra News: ताजनगरी के सबसे व्यस्त मार्गों में शुमार खेरिया मोड़-ईदगाह रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) 16 अक्टूबर से 90 दिनों के लिए पूरी तरह बंद हो गया है. नई दिल्ली-आगरा रेल खंड पर स्थित इस अहम पुल के बंद होने से शहर के 2 लाख से अधिक वाहन चालक अब इस मार्ग से सफर नहीं कर पाएंगे. रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों के साथ-साथ खेरिया एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट पकड़ने जाने वाले मुसाफिरों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ेंगी. यह पुल अचानक क्यों बंद किया जा रहा है, इसके पीछे तकनीकी मजबूरी क्या है और अगले तीन महीने शहरवासियों को किन रास्तों पर जाम का सामना करना पड़ेगा, आइए जानते है…?
आखिर क्यों बंद किया जा रहा है खेरिया मोड़-ईदगाह आरओबी?
दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, इस आरओबी का निर्माण वर्ष 1970 में 17 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था. करीब 56 साल पुराने इस पुल में लगे दो स्पान अपनी निर्धारित कोडल आयु पूरी कर चुके हैं. पुल अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिसकी अब तक छह बार मरम्मत कराई जा चुकी है. दो महीने पहले ही पुल के दोनों किनारों की जर्जर लोहे की प्लेटें बदली गई थीं.
पुल की संरचनात्मक मजबूती और भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोकने के लिए रेलवे इसका नवनिर्माण कराने जा रहा है. 10 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कायाकल्प में रेल ट्रैक के ठीक ऊपर लगे 12 पुराने गर्डरों को बदला जाएगा. इस आरओबी में कुल 32 बियरिंग और 20 गर्डर हैं, जिनमें से रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थित इन 12 गर्डरों को अब तक एक बार भी नहीं बदला गया है. नए गर्डर मौके पर पहुंच चुके हैं और पुलिस से अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा.
2 लाख लोगों की बढ़ेगी परेशानी, एयरपोर्ट जाने वाले रहें सतर्क
इस आरओबी से रोजाना 2 लाख से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. भारी वाहनों का प्रवेश यहां पहले से ही प्रतिबंधित है, लेकिन अब हल्के वाहनों और दोपहिया सवारों को भी लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा. खेरिया एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए यह रास्ता सबसे सीधा और सुगम माना जाता है. पुल बंद होने से सबसे बड़ा असर हवाई यात्रियों पर पड़ेगा. अब वैकल्पिक मार्गों पर भारी दबाव रहेगा. ऐसे में फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को समय से काफी पहले घर से निकलने की सलाह दी गई है, ताकि वे रास्ते के भयंकर जाम में न फंसें.
किन-किन रास्तों पर बढ़ेगा जाम का झंझट?
पुल बंद रहने के दौरान रेल प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तय किया है. वाहनों को अर्जुन नगर तिराहे से बारह खंभा डबल फाटक मार्ग स्थित रेलवे फाटक से होकर निकाला जाएगा. यहीं से असली परेशानी शुरू होगी. बारहखंभा-शाहगंज वाला रास्ता बेहद संकरा, घनी आबादी वाला और प्रमुख बाजार क्षेत्र है. इस इलाके में सामान्य दिनों में भी दिनभर में कई बार भीषण जाम लगता है. अब जब खेरिया मोड़ का 2 लाख वाहनों का भारी ट्रैफिक इस संकरे बाजार वाले रास्ते से गुजरेगा, तो स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को दिनभर रेंगना पड़ेगा.
रेलवे ट्रैक पर भी दिखेगा असर, ट्रेनों के लिए लगेगा मेगा ब्लॉक
नई दिल्ली-आगरा रेल खंड देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में गिना जाता है. इस ट्रैक से हर दिन 350 मालगाड़ियां और 300 यात्री ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें 1 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं. ट्रैक के ठीक ऊपर गर्डर बदलने का काम चलने के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह काम ऐसे समय में किया जाएगा जब पटरियों पर ट्रेनों का आवागमन कम से कम हो. इसके साथ ही कार्य के दौरान रेलवे द्वारा मेगा ब्लॉक भी लिया जाएगा. रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि सुरक्षित और दीर्घकालिक सफर के लिए इस 90 दिन के निर्माण कार्य में सहयोग करें और केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
