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Lucknow News: लखनऊ की एनडीपीएस कोर्ट ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं के अवैध व्यापार में लिप्त तीन आरोपियों मोहम्मद राज, मोहम्मद शफीक और जंगली उर्फ हसीन को दोषी करार दिया है. अदालत ने तीनों को 10-10 साल की कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 16 नवंबर 2022 को भैंसाकुंड के पास से मोहम्मद राज को 500 ग्राम अल्प्राजोलम के साथ गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया था कि यह दवा मथुरा से बाराबंकी सप्लाई की जा रही थी.
तीनों तस्कर को 10-10 साल की सजा और 1-1 लाख रुपये की जुर्माना.
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले तीन शातिर तस्करों को एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने दोषी करार देते हुए कड़े कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों दोषियों को 10-10 साल की कठोर कैद की सजा दी है और साथ ही प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. इस कड़े न्यायिक फैसले से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में लिप्त अन्य तस्करों में भी हड़कंप मच गया है.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ने 16 नवंबर 2022 को लखनऊ के भैंसाकुंड के पास से मुख्य आरोपी मोहम्मद राज को दबोचा था. आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्राजोलम (Alprazolam) बरामद की गई थी, जिसका वजन करीब 500 ग्राम था. पूछताछ और विवेचना के दौरान एनसीबी को इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े सुराग हाथ लगे, जिससे इस काले कारोबार के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ.
मथुरा से बाराबंकी तक फैला था नेटवर्क
जांच में यह बात साफ तौर पर सामने आई थी कि मुख्य आरोपी मोहम्मद राज इस प्रतिबंधित और खतरनाक दवा को मथुरा से खरीदकर बाराबंकी ला रहा था. बाराबंकी में इस खेप को मोहम्मद शफीक को डिलीवर किया जाना था, जो इस अवैध धंधे का एक अहम मोहरा था. इस पूरे अवैध परिवहन और डिलीवरी के षड्यंत्र में तीसरा आरोपी जंगली उर्फ हसीन भी पूरी तरह से शामिल था, जिसकी मदद से तस्कर इस प्रतिबंधित माल को ठिकाने लगाने की फिराक में थे.
सलाखों के पीछे पहुंचे तस्कर
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर एनडीपीएस कोर्ट ने तीनों आरोपियों—मोहम्मद राज, मोहम्मद शफीक और जंगली उर्फ हसीन को दोषी माना. अदालत के इस फैसले से साफ हो गया है कि युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नशा तस्करों को कानून किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है. एक लाख रुपये का जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …

