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आमिर खान के भांजे और एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद यह कार्रवाई की गई. अब फिल्ममेकर अशोक पंडित ने इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने से पहले भारतीय होना जरूरी है. साथ ही उन्होंने इमरान के प्रदर्शन में शामिल होने पर भी सवाल उठाए हैं.
अशोक पंडित ने इमरान खान से अमेरिका वापस जाने को कहा
नई दिल्ली. फिल्ममेकर अशोक पंडित ने अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने पर प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने से पहले भारतीय नागरिक होना जरूरी है.
इमरान खान बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भांजे हैं. उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद मुंबई पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. अशोक पंडित अपने एक इंटरव्यू में कहा कि देश के हर नागरिक को संविधान और कानून का सम्मान करना चाहिए. उनके मुताबिक, भारत में सभी काम संविधान और कानून के दायरे में होते हैं, इसलिए हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ उनकी सीमाओं के बारे में भी पता होना चाहिए.
विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर उठाए सवाल
अशोक पंडित ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि देश के नागरिकों को संविधान और कानून को समझना चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए. मेरे हिसाब से इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए कहे जाने का फैसला सही है, क्योंकि मेरा मानना है कि देश में हर काम संविधान और कानून के दायरे में होता है. लोगों को अपने अधिकारों और उनकी सीमाओं की जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि वह इमरान को देश छोड़ने के लिए कहने के फैसले का समर्थन करते हैं. अशोक पंडित ने कहा, “मैं अपने देश के अधिकारियों, भारत सरकार और मंत्रालय की ओर से उन्हें देश छोड़ने के लिए कहने के फैसले का स्वागत करता हूं. दरअसल, इमरान खान 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस हिरासत में लिए गए थे. इसके कुछ दिन बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया. खबर के मुताबिक, इमरान भारतीय नागरिक नहीं हैं. उनके खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धारा 7 और 29 के तहत कार्रवाई की गई है. इसी मामले को लेकर अशोक पंडित ने उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से पहले इमरान को यह समझना चाहिए कि उन्हें कौन से अधिकार हासिल हैं. अशोक पंडित के मुताबिक, यह मामला दूसरों के लिए भी एक सीख हो सकता है कि किसी भी गतिविधि में शामिल होने से पहले देश के कानून को समझना जरूरी है.
‘कानून का मजाक नहीं बनना चाहिए’
अशोक पंडित ने विरोध प्रदर्शन में इमरान की भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि संविधान और कानून को नजरअंदाज किया जाए. उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगा जैसे वह किसी गंभीर मुद्दे के बजाय शिवाजी पार्क में क्रिकेट खेलने पहुंचे हों. अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर संविधान और कानून का मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है. अशोक पंडित के मुताबिक, इमरान को अधिकारियों से सवाल पूछने से पहले यह समझना चाहिए था कि उन्हें किन अधिकारों के तहत ऐसा करने की अनुमति है.
करियर के लिए गंभीर मुद्दों का इस्तेमाल करने पर भी की टिप्पणी
अशोक पंडित ने यह आरोप भी लगाया कि अगर कोई व्यक्ति इंडस्ट्री में वापसी करने या अपना करियर बनाने के लिए गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों का सहारा लेता है, तो यह सही तरीका नहीं है. हालांकि, यह उनकी निजी राय और आरोप हैं.उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से उन लोगों को भी संदेश मिल सकता है जो कानून की अनदेखी करते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हैं. अशोक पंडित ने जोर देकर कहा कि भारत में व्यवस्था संविधान के मुताबिक चलती है और यहां न्यायपालिका, अदालतों और कानून की एक तय प्रक्रिया है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…

