कानपुर: शहर को बड़े कारोबारी आयोजनों और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की सौगात देने के लिए 95 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया कन्वेंशन सेंटर अब खुद इंतजार की तस्वीर बन गया है. चुन्नीगंज चौराहे पर कमल की आकृति में बना यह भव्य भवन तैयार होने के बाद भी नियमित संचालन की राह देख रहा है. भवन पर धूल की परतें जम रही हैं, परिसर में लगाए गए पौधे झाड़ियों का रूप लेने लगे हैं और पानी की टंकियों में मच्छर पनपने की आशंका है. जिस परियोजना को कानपुर के विकास और कारोबार के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया था, उसका लाभ अब तक शहर के लोगों और उद्यमियों को नहीं मिल पा रहा है.
मुख्यमंत्री योगी ने की थी तारीफ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को कानपुर के लिए अहम बताते हुए इसके निर्माण और सुविधाओं की सराहना की थी. इसके बावजूद निर्माण पूरा होने के बाद संचालन की व्यवस्था बनाने में लंबा समय लग गया. नगर निगम और प्रशासन के स्तर पर समय रहते जरूरी फैसले नहीं होने से परियोजना का उपयोग शुरू नहीं हो सका. अब अधिकारियों का कहना है कि संचालन के लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है और हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है. अक्टूबर के अंत तक इसके शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है.
भवन तैयार, लेकिन देखरेख के इंतजाम नाकाफी
कन्वेंशन सेंटर का उद्देश्य कानपुर में व्यापारिक प्रदर्शनियों, उद्योग से जुड़ी बैठकों, सम्मेलनों और बड़े आयोजनों के लिए आधुनिक जगह उपलब्ध कराना है. भवन की बनावट और सुविधाएं इसे शहर की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल करती हैं. लेकिन लंबे समय तक नियमित इस्तेमाल नहीं होने से परिसर की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं. अंदर और बाहर धूल जमा है और हरियाली के लिए लगाए गए पौधों की देखभाल भी ठीक से नहीं हो रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई संपत्ति का रखरखाव समय रहते क्यों नहीं किया गया. यदि संचालन की व्यवस्था पहले ही तय कर ली जाती, तो भवन का इस्तेमाल भी शुरू हो सकता था और उसकी देखरेख भी बेहतर ढंग से होती.
दो बड़े प्रदर्शनी हॉल, कारोबारियों को मिलेंगी कई सुविधाएं
कन्वेंशन सेंटर में 16 हजार और 12 हजार वर्गफुट के दो प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं. यहां 300 लोगों की क्षमता वाला सम्मेलन कक्ष और 100-100 लोगों के बैठने की सुविधा वाले तीन बैठक कक्ष हैं. इसके अलावा छह अतिथि कमरे, दो सुइट, आठ हजार वर्गफुट का फूड कोर्ट और 68 वाहनों के लिए कवर्ड पार्किंग की व्यवस्था है. यहां एक्सपो, ट्रेड फेयर, बिजनेस मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, उत्पादों की लॉन्चिंग और कंपनियों के बीच कारोबारी बैठकों का आयोजन किया जा सकता है. संचालन शुरू होने पर कानपुर के कारोबारियों को बड़े आयोजनों के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. इससे स्थानीय कारोबार और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अफसरों का दावा, जल्द शुरू होगा संचालन
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने संयुक्त रूप से बताया कि कन्वेंशन सेंटर के संचालन के लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है. फिलहाल परियोजना को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है. मंडलायुक्त के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द कानपुर आने वाले हैं और उन्हीं के हाथों कन्वेंशन सेंटर का शुभारंभ कराया जाएगा. अधिकारियों का दावा है कि इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं. हालांकि, अब सबसे बड़ी चुनौती तय समय पर संचालन शुरू करने के साथ भवन की नियमित देखरेख सुनिश्चित करना है.
नगर निगम की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
कन्वेंशन सेंटर के संचालन में नगर निगम की भूमिका को लेकर सदन और कार्यकारिणी की बैठकों में भी चर्चा हो चुकी है. ऐसे में कंपनी के चयन और हैंडओवर के बाद यह देखना अहम होगा कि संचालन की जिम्मेदारी किस तरह तय की जाती है और रखरखाव की निगरानी कौन करेगा. शहर को इस परियोजना से रोजगार, कारोबार और बड़े आयोजनों के नए अवसर मिलने की उम्मीद है. अब जरूरत है कि घोषणाओं और तैयारियों से आगे बढ़कर कन्वेंशन सेंटर को वास्तव में जनता और कारोबारियों के इस्तेमाल के लिए खोला जाए, ताकि 95 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का लाभ कानपुर को मिल सके.

