संवाददाता@संदीप अग्रहरी…….

मंगलवार को म्योरपुर की ऐतिहासिक रामलीला में धनुष यज्ञ की लीला का भव्य मंचन किया गया। बाणासुर और रावण के बीच रोचक संवाद तथा परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे एवं ओजस्वी संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभु श्रीराम के हाथों शिव धनुष टूटते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों के शानदार अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
धनुष यज्ञ की लीला में राजा जनक के दरबार में भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाने और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए देश-विदेश से आए राजाओं ने अपना पराक्रम दिखाया, लेकिन कोई भी धनुष को हिला तक नहीं सका। इससे राजा जनक चिंतित हो उठे। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्रीराम ने शिव धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। धनुष टूटने की गूंज के साथ पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए।
धनुष भंग के बाद भगवान परशुराम के आगमन और लक्ष्मण के साथ हुए तीखे संवादों ने मंचन को और रोमांचक बना दिया। परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण के निर्भीक जवाबों के बीच संवादों का ऐसा दौर चला कि दर्शक भाव-विभोर हो उठे। वहीं, बाणासुर और रावण के संवादों ने भी दर्शकों का खूब ध्यान खींचा। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी से रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया।

गणेश जायसवाल ने की कलाकारों की सराहना:
धनुष यज्ञ के शानदार मंचन के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गणेश जायसवाल ने रामलीला मंडली के अध्यक्ष शनि अग्रहरि, मंच डायरेक्टर अजय अग्रहरि सोनू सहित पूरी कलाकार टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलाकारों को बेहतरीन प्रस्तुति के लिए धन्यवाद देते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में उनके योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कलाकारों के उत्साहवर्धन के साथ रामलीला के सफल आयोजन की सराहना की।
इस मौके पर ब्रह्मदेव तिवारी, सहदेव तिवारी, सतपाल सिंह, हृदय अग्रहरि, सुनील अग्रहरि (एसके), महाप्रबंधक सुनील अग्रहरि, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मोनू जायसवाल, युवा समाजसेवी सुजीत अग्रहरि, पंकज सिंह, युवा नेता दीपक अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। धनुष यज्ञ के भव्य मंचन ने म्योरपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
