अयोध्या: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है.इन नौ दिनों में रामनगरी अयोध्या के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. भक्त माता रानी के दर्शन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं. अयोध्या में राम मंदिर के साथ कई प्राचीन देवी मंदिर भी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. इन्हीं में एक जालपा देवी मंदिर है जहां नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने से संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.
सैकड़ों साल पुराना है जालपा देवी मंदिर
जालपा देवी मंदिर के पुजारी नीरज बताते हैं कि अयोध्या शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है. इन नौ दिनों में रामनगरी अयोध्या के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. भक्त माता रानी के दर्शन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं. अयोध्या में राम मंदिर के साथ कई प्राचीन देवी मंदिर भी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. इन्हीं में एक जालपा देवी मंदिर है जहां नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने से संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.
सैकड़ों साल पुराना है जालपा देवी मंदिर
जालपा देवी मंदिर के पुजारी नीरज बताते हैं कि यह मंदिर मां वंती जालपा देवी को समर्पित है और उन्हें नगर देवी के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था इससे जुड़ी हुई है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर को अयोध्या के प्राचीन और महत्वपूर्ण देवी स्थलों में गिना जाता है. यहां दर्शन करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से भी भक्त पहुंचते हैं.
पुजारी के मुताबिक मां जालपा देवी के दरबार में श्रद्धालु अपनी अलग-अलग मनोकामनाएं लेकर आते हैं. कोई परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करता है, तो कोई जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए माता रानी से प्रार्थना करता है.
झूठे मुकदमों से मुक्ति की है मान्यता
मंदिर के पुजारी नीरज बताते हैं कि मां जालपा देवी के दरबार से कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से झूठे मुकदमों और अन्य परेशानियों से मुक्ति पाने की प्रार्थना की जाती है. इसके अलावा संतान प्राप्ति, आर्थिक संकट दूर होने और जीवन में सुख-समृद्धि आने की कामना से भी भक्त मंदिर पहुंचते हैं.मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां जालपा देवी की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है.भक्त माता रानी के सामने दीप प्रज्वलित करते हैं, प्रसाद चढ़ाते हैं और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं.
वर्षों से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु
मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु ने बताया कि वह कई वर्षों से नवरात्रि के अवसर पर मां जालपा देवी के दर्शन करने आते हैं.माता के दरबार में पूजा-अर्चना करने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का अनुभव होता है.उन्होंने कहा कि भक्त अपनी परेशानियों और मनोकामनाओं को लेकर माता के दरबार में आते हैं तथा आशीर्वाद की कामना करते हैं.मंदिर मां वंती जालपा देवी को समर्पित है और उन्हें नगर देवी के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था इससे जुड़ी हुई है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर को अयोध्या के प्राचीन और महत्वपूर्ण देवी स्थलों में गिना जाता है. यहां दर्शन करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से भी भक्त पहुंचते हैं.
पुजारी के मुताबिक मां जालपा देवी के दरबार में श्रद्धालु अपनी अलग-अलग मनोकामनाएं लेकर आते हैं. कोई परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करता है, तो कोई जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए माता रानी से प्रार्थना करता है.
झूठे मुकदमों से मुक्ति की है मान्यता
मंदिर के पुजारी नीरज बताते हैं कि मां जालपा देवी के दरबार से कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से झूठे मुकदमों और अन्य परेशानियों से मुक्ति पाने की प्रार्थना की जाती है. इसके अलावा संतान प्राप्ति, आर्थिक संकट दूर होने और जीवन में सुख-समृद्धि आने की कामना से भी भक्त मंदिर पहुंचते हैं.मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां जालपा देवी की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है.भक्त माता रानी के सामने दीप प्रज्वलित करते हैं, प्रसाद चढ़ाते हैं और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं.
वर्षों से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु
मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु ने बताया कि वह कई वर्षों से नवरात्रि के अवसर पर मां जालपा देवी के दर्शन करने आते हैं.माता के दरबार में पूजा-अर्चना करने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का अनुभव होता है.उन्होंने कहा कि भक्त अपनी परेशानियों और मनोकामनाओं को लेकर माता के दरबार में आते हैं तथा आशीर्वाद की कामना करते हैं.

