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Five Murabba Jam Recipe: रामपुर की 70 वर्षीय मोना चावला ने दादी-नानी के पारंपरिक नुस्खों को अपनाते हुए पांच मुरब्बों से अनोखा देसी जैम तैयार किया है. सेब, बेल, बांस, गाजर और आंवले के मुरब्बे से बना यह प्राकृतिक जैम सेहत और स्वाद दोनों से भरपूर है. वह रोजाना दूध के साथ इसका सेवन करती हैं, जिससे बाल, आंखें और पाचन दुरुस्त रहते हैं. उनके इस घरेलू नुस्खे को आसपास के लोग भी खूब पसंद कर रहे हैं.
Five Murabba Jam Recipe: आज के दौर में बाजार में तरह-तरह के जैम आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन रामपुर की 70 वर्षीय मोना चावला ने दादी-नानी के पुराने नुस्खों को अपने ही अंदाज में अपनाया है. मोना चावला घर पर पांच अलग-अलग मुरब्बों को मिलाकर एक ऐसा जैम तैयार करती हैं, जिसे वह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानती हैं. खास बात यह है कि इस जैम को बनाने के लिए किसी मुश्किल सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.
पांच मुरब्बों से जैम बनाने का तरीका
मोना चावला के मुताबिक वह इसमें 100-100 ग्राम सेब का मुरब्बा, बेल का मुरब्बा, बांस का मुरब्बा, गाजर का मुरब्बा और आंवले का मुरब्बा लेती हैं. इसके बाद मुरब्बों में अगर बीज या गुठली हो तो उसे निकाल दिया जाता है. सभी चीजों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सी में डालकर अच्छी तरह पीस लिया जाता है. कुछ ही देर में पांचों मुरब्बों का मिश्रण एक गाढ़े जैम जैसा तैयार हो जाता है.
रखा जाता है साफ और सूखे कांच के जार में
मोना बताती हैं कि तैयार मिश्रण को साफ और सूखे कांच के जार में भरकर रखा जा सकता है. उनका कहना है कि वह सुबह एक गिलास दूध के साथ करीब एक चम्मच इस जैम का सेवन करती हैं. मोना चावला का कहना है कि उन्होंने इस नुस्खे को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रखा है.
कम होता है तनाव, दिल भी रहता है स्वस्थ
उनके अनुभव के मुताबिक इसे लेने से बालों की सेहत अच्छी बनी रहती है और बाल टूटने की समस्या कम महसूस होती है. वह यह भी मानती हैं कि आंवला, गाजर, सेब और बेल जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों की वजह से यह मिश्रण शरीर के लिए उपयोगी है. मोना के मुताबिक इस जैम को लेने के बाद आंखों की चमक बनी रहने, पेट साफ रहने और भूख अच्छी लगने जैसा अनुभव भी उन्हें होता है. वह इसे तनाव कम करने और दिल की सेहत के लिए भी अच्छा मानती हैं.
डॉक्टरी सलाह का ध्यान रखना जरूरी
हालांकि इन दावों को किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं लेना चाहिए. किसी खास बीमारी, दवा या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. मोना चावला बताती हैं कि जब वह अपने इस घरेलू नुस्खे के बारे में आसपास के लोगों को बताती हैं तो कई लोग इसे खुद भी आजमाते हैं. कुछ लोग उनसे यह तैयार जैम खरीदकर भी ले जाते हैं.
पारंपरिक खान-पान की पुरानी विरासत
दरअसल भारतीय घरों में मुरब्बा सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि पारंपरिक घरेलू खान-पान का हिस्सा भी रहा है. आंवला, बेल, गाजर और सेब जैसे फलों-सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मुरब्बा बनाने की परंपरा पुरानी है. मोना चावला ने इन्हीं चीजों को एक साथ मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार किया है, जिसे वह जैम की तरह इस्तेमाल करती हैं.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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