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एक्ट्रेस को शुरू में नाकामियों का सामना करना पड़ा था. उन्हें जिस भी फिल्म में कास्ट किया गया, वह किसी-न-किसी वजह से अटक जाती थीं या फिर उन्हें प्रोजेक्ट से निकाल दिया जाता था. वे विज्ञापनों और म्यूजिक वीडियो में काम करने को मजबूर हुईं. फिर बॉलीवुड डेब्यू ने उनकी किस्मत चमका दी. वे अब स्टार बनने के बाद तमिल सिनेमा में कदम रखने जा रही हैं. वे अगली फिल्म ‘जेलर 2’ में रजनीकांत के अपोजिट नजर आएंगी.
नई दिल्ली: विद्या बालन ने हिंदी सिनेमा में कदम रखने से पहले साउथ सिनेमा में अपनी पहचान बनाने की कोशिश की थी. उन्होंने कुछ फिल्में साइन कीं, कुछ की शूटिंग भी की, मगर कुछ प्रोजेक्ट्स बंद हो गए और कुछ रोल उनके हाथ से निकल गए. उन्हें ‘मनहूस’ कहा जाने लगा. उन्हें तब जिस सिनेमा ने नकारा, आज वह खुले दिल से उनका स्वागत कर रही है. दरअसल, वे दशकों बाद एक्ट्रेस तमिल सिनेमा में डेब्यू करने जा रही है, वह भी सुपरस्टार रजनीकांत के साथ. उन्हें इससे बेहतर को-स्टार नहीं मिल सकता था. विद्या बालन ‘जेलर 2’ में सुपरस्टार रजनीकांत के साथ स्क्रीन शेयर करने वाली हैं. (फोटो साभार: Instagram@balanvidya)
फिल्म ‘जेलर 2’ विद्या बालन के करियर का एक शानदार ‘फुल-सर्कल’ है, जिसकी शुरुआत साउथ इंडियन सिनेमा में कई असफल कोशिशों के साथ हुई थी. विद्या बालन अपनी मास्टर्स डिग्री की पढ़ाई वक्त मोहनलाल के अपोजिट ‘चक्रम’ फिल्म में फीमेल लीड रोल मिला था. उम्मीद थी कि यह फिल्म इस उभरती हुई हीरोइन के लिए एक अहम शुरुआत होगी. इसके बाद, उन्हें कई अन्य मलयालम प्रोजेक्ट्स के लिए साइन भी किया गया. लेकिन ‘चक्रम’ प्रोडक्शन की दिक्कतों में फंस गई और आखिरकार बंद हो गई. स्थिति तब और खराब हो गई, जब प्रोड्यूसर्स ने फिल्म की विफलता के लिए विद्या बालन को दोषी ठहराया और उन पर ‘मनहूस’ होने का ठप्पा लगा दिया.
(फोटो साभार: Instagram@balanvidya)
विद्या बालन ने फिर जिन मलयालम फिल्मों को साइन किया था, उनमें उन्हें हटाकर दूसरी हीरोइनों को ले लिया गया. फिर विद्या बालन ने तमिल सिनेमा की ओर रुख किया. उन्हें 2001 में एन. लिंगुस्वामी की फिल्म ‘रन’ में आर. माधवन के अपोजिट कास्ट किया गया, लेकिन शूटिंग का पहला शेड्यूल पूरा होने के बाद उन्हें प्रोजेक्ट से हटा दिया गया और उनकी जगह मीरा जैस्मीन को ले लिया गया.
(फोटो साभार: Instagram@balanvidya)
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विद्या बालन का अगला तमिल प्रोजेक्ट ‘बाला’ भी मीरा जैस्मीन के आने से उनके हाथ से निकल गया. इसके बाद, विद्या बालन ने 2003 में ‘मनसेल्लम’ साइन की, लेकिन वह फिल्म भी उनके लिए सफल नहीं रही और आखिरकार वह रोल त्रिशा को मिल गया. विद्या बालन को बहुत कम समय में एक के बाद एक कई झटके झेलने पड़े.
विद्या बालन ने फिल्मी करियर में काफी स्ट्रगल करने के बाद करीब 60 टेलीविजन विज्ञापनों में काम किया. यूफोरिया और शुभा मुद्गल जैसे कलाकारों के म्यूजिक वीडियो में भी नजर आईं. इनमें से कई प्रोजेक्ट्स को फिल्ममेकर प्रदीप सरकार ने डायरेक्ट किया था.
विद्या की मेहनत आखिरकार रंग लाई. उन्होंने 2005 में फिल्म ‘परिणीता’ से हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया और भारतीय सिनेमा की सबसे वर्सेटाइल हीरोइनों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई. जिस महिला को कभी ‘मनहूस’ कहा गया था, वही आगे चलकर कई बेहतरीन फिल्मों की लीड हीरोइन और नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली कलाकार बनीं.
विद्या बालन आखिरकार ‘जेलर 2’ के साथ तमिल सिनेमा में कदम रखने जा रही हैं. वे इंडस्ट्री के सबसे बड़े आइकॉन में से एक रजनीकांत के साथ काम करेंगी. वे कांता कल्पक का किरदार निभाएंगी. (फोटो साभार: Instagram@balanvidya)

