अमेठी: ब्यूटी पार्लर का काम सीखने के लिए अगर आपको महंगे कोर्स की फीस देने की जरूरत पड़ रही है, तो अमेठी की महिलाओं के लिए यह जानकारी काम की है. गौरीगंज स्थित बडौदा स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में महिलाओं और बेटियों को ब्यूटी पार्लर का काम मुफ्त में सिखाया जा रहा है. यहां प्रशिक्षण से लेकर डेमो क्लास तक काम की बारीकियां समझाई जा रही हैं, ताकि प्रशिक्षण लेने वाली महिलाएं आगे अपना काम शुरू कर सकें.
इस प्रशिक्षण में बालों की देखभाल, मेकअप करने का तरीका, त्वचा की देखभाल, फेशियल और ब्यूटी पार्लर चलाने के लिए ग्राहकों से बातचीत करने का तरीका भी सिखाया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है और आवासीय सुविधा भी मुफ्त है.
इन कामों की दी जाती है ट्रेनिंग
संस्थान में मास्टर ट्रेनर की ओर से ब्यूटी पार्लर से जुड़े अलग-अलग काम सिखाए जाते हैं. इसमें बालों की देखभाल, मेकअप, त्वचा की देखभाल और फेशियल जैसी चीजें शामिल हैं. इसके साथ ही पार्लर प्रबंधन और ग्राहकों से बातचीत करने का तरीका भी बताया जाता है. प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाएं ब्यूटी पार्लर का अपना काम शुरू कर सकती हैं और स्वरोजगार की ओर बढ़ सकती हैं.
18 से 40 साल तक की महिलाएं कर सकती हैं आवेदन
इस प्रशिक्षण के लिए 18 वर्ष से कम और 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं आवेदन नहीं कर सकती हैं. आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, कम से कम आठवीं कक्षा की मार्कशीट, फोटो और मोबाइल नंबर देना होगा. प्रशिक्षण में चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा. इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ पंजीकरण कराना होगा.
प्रशिक्षण के बाद शुरू कर सकती हैं अपना काम
प्रशिक्षण लेने वाली अभ्यर्थी सोनाली बताती हैं कि ब्यूटी पार्लर का काम सीखकर महिलाएं अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं. उनके मुताबिक इस काम की जरूरत बनी रहती है और घर में कमाने वाला न होने पर अपना काम शुरू करने से आर्थिक मदद मिल सकती है. सोनाली का कहना है कि इस तरह का प्रशिक्षण महिलाओं के लिए रोजगार शुरू करने में मददगार हो सकता है.
प्रशिक्षण और रहने की सुविधा मुफ्त
संस्थान की फैकल्टी महिमा सिंह बताती हैं कि यहां बेरोजगार लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार समय-समय पर अलग-अलग प्रशिक्षण दिए जाते हैं. फिलहाल ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण चल रहा है. इसका उद्देश्य प्रशिक्षण लेने वालों को अपना काम शुरू करने के लिए तैयार करना है. महिमा सिंह के मुताबिक संस्थान में प्रशिक्षण के साथ आवासीय सुविधा भी दी जाती है और इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता. यानी प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों को यहां रहने और ट्रेनिंग के लिए अलग से पैसे नहीं देने पड़ते.
