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Animal husbandry tips : सर्दियों की आहट शुरू हो गई है. गांवों में सुबह शाम हल्की ठंड पड़ने लगी है. ऐसे में पशुपालकों को सावधान रहने की जरूरत है. कई पशुपालक अपने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम तो करते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई बार छोटी-छोटी लापरवाही कर बैठते हैं. कई बार पशु बीमार पड़ जाते हैं और गंभीर स्थिति में उनकी मौत तक हो जाती है. लोकल 18 से चित्रकूट के अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह बताते हैं कि पशुशाला में हवा का पूरी तरह आवागमन बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि पशुओं को पर्याप्त वेंटिलेशन भी चाहिए.
चित्रकूट. ठंड का मौसम शुरू होते ही इंसानों के साथ-साथ पशुओं की मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं. खासकर खुले में या कच्चे पशु आश्रय में रहने वाले जानवरों को सर्द हवाओं और गिरते तापमान का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है. कई पशुपालक अपने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम तो करते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई बार छोटी-छोटी लापरवाही कर बैठते हैं. इसका असर पशुओं की सेहत पर पड़ता है. कई बार पशु बीमार पड़ जाते हैं और गंभीर स्थिति में उनकी मौत तक हो जाती है. अगर आप भी गाय, भैंस, बकरी या दूसरे पशुओं का पालन करते हैं तो ठंड शुरू होने से पहले उनके लिए जरूरी इंतजाम कर लें.
लोकल 18 से चित्रकूट के अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह बताते हैं कि सर्दियों में पशुओं को सबसे ज्यादा परेशानी ठंडी हवा और नमी के कारण होती है. इसलिए पशुपालकों को सबसे पहले पशुओं को खुले में रखने से बचना चाहिए. पशुओं के रहने वाले स्थान को चारों तरफ से इस तरह ढकें कि ठंडी हवा सीधे अंदर न आए. हालांकि पशुशाला में हवा का पूरी तरह आवागमन बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनको पर्याप्त वेंटिलेशन भी जरूरी है.
क्या खिलाएं
डॉ. पीके सिंह कहते हैं कि पशुशाला में पशुओं को सीधे ठंडी और गीली जमीन पर न बांधें. जमीन पर सूखा भूसा, पुआल या दूसरी सूखी सामग्री बिछा दें. इससे पशुओं को ठंडे फर्श से राहत मिलती है. ठंड के मौसम में रात के समय तापमान काफी नीचे चला जाता है, ऐसे में पशुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए बोरी, टाट या दूसरे साधन से पशुशाला के खुले हिस्से को ढक दें. सर्दियों में पशुओं को पर्याप्त और पौष्टिक आहार की जरूरत होती है. ठंड के मौसम में उनको हरा चारा, सूखा चारा और संतुलित आहार जरूर देना चाहिए. ज्यादा ठंड पड़ने के बाद अलाव का इंतजाम करना चाहिए ताकि उनको ठंड से राहत मिल सके.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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