संवाददाता@मिथिलेश जायसवाल…….
— कहा-भाजपा ने कर्मठ नेता ही नहीं, प्रदेश ने विकास के लिए समर्पित व्यक्तित्व खोया, उनकी भरपाई संभव नहीं

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व संगठन मंत्री, पूर्व विधान परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन पर शनिवार को कोन क्षेत्र में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं क्षेत्रीय लोगों का जुटान हुआ। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कार्यक्रम में पहुंचकर स्वर्गीय जयप्रकाश चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और स्वर्गीय चतुर्वेदी के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि जयप्रकाश चतुर्वेदी का निधन केवल उनके परिवार और क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी और पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक ऐसे कर्मठ, समर्पित और संगठन के प्रति निष्ठावान नेता को खो दिया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी और समाज की सेवा में लगा दिया। क्षेत्र और प्रदेश के विकास के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयास और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास बनकर रह जाएंगे। ऐसे व्यक्तित्व की कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी।

उन्होंने स्वर्गीय चतुर्वेदी की पुत्री डा. पूजा चतुर्वेदी समेत अन्य परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य रखने की बात कही। दिग्गज भाजपा नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति त्रिपाठी,समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोड, एम एल सी वीनीत सिंह, पूर्व सांसद रामसकल, प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल तथा प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित समेत बड़ी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी पहुंचे। सभी ने स्वर्गीय जयप्रकाश चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और आगंतुकों के स्वागत की जिम्मेदारी सदर विधायक भूपेश चौबे की देखरेख में रही। विधायक ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

दलीय सीमाएं टूटीं, हजारों लोग पहुंचे:
स्वर्गीय जयप्रकाश चतुर्वेदी के प्रति लोगों के जुड़ाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव समेत धर्मवीर तिवारी, मुकेश जैन, रामनरेश पासवान, हरिराम चेरो, अनूप तिवारी, चेखुर पांडे, विपिन बिहारी, ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह, शांशक, शेखर मिश्रा, मंडल अध्यक्ष रामलाल चेरो सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कोन, विंढमगंज, दुद्धी, चोपन समेत सोनभद्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों लोगों ने स्वर्गीय चतुर्वेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने कहा कि जयप्रकाश चतुर्वेदी ने राजनीति को केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि संगठन और समाज की सेवा को अपना ध्येय बनाया। यही कारण है कि उनके निधन के बाद भी सभी राजनीतिक दलों और वर्गों के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
अटल बिहारी वाजपेयी और कल्याण सिंह के भी रहे करीबी:
स्वर्गीय जयप्रकाश चतुर्वेदी का भाजपा संगठन में लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक जीवन रहा। वह पार्टी के पूर्व संगठन मंत्री और पूर्व विधान परिषद सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जैसे शीर्ष नेताओं के साथ उनके निकट संबंधों की चर्चा भी कार्यक्रम में होती रही।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि चतुर्वेदी ने संगठन को मजबूत करने के साथ ही क्षेत्र की समस्याओं को शासन और सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका सरल स्वभाव, कार्यकर्ताओं से आत्मीय संबंध और संगठन के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल भावुक रहा। परिजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने स्वर्गीय चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम नमन किया। हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि वह केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के बीच गहरी पैठ रखने वाले लोकप्रिय जननेता थे।







