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Saurabh Hatyakand Verdict : मेरठ के नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड मामले पर निचली अदालत का फैसला आ गया है. आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया, जबकि मृतक सौरभ की मां, उसका भाई और परिवार के बाकी लोग कोर्ट रूम में मौजूद रहे.
सौरभ राजपूत हत्याकांड में फैसला आ गया.
मेरठ : देशभर में चर्चा में रहे सौरभ हत्याकांड में आज जिला न्यायालय ने फैसला सुना दिया है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने इस केस के फैसले के लिए आज की तिथि निर्धारित की थी. आज पूरे दिन अदालत के बाहर मीडिया, पुलिस और लोगों की आवाजाही लगी रही. इधर सौरभ राजपूत के घरवाले मांग करते रहे कि दोनों आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए. हर पल सबको बस जज साहब के फैसले का इंतजार था. जैसे ही घड़ी में शाम के 5 बजे तो सब खुश हो गए. दरअसल, जज साहब ने माना कि मुस्कान और साहिल दोनों दोषी हैं. इस मामले में जब अरविंद मिश्रा ने दोषियों से पूछा कि आपको सजा कम क्यों दी जाए तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया.
मेरठ के नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड मामले पर निचली अदालत का फैसला आ गया है. आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया, जबकि मृतक सौरभ की मां, उसका भाई और परिवार के बाकी लोग कोर्ट रूम में मौजूद रहे. कोर्ट ने पहले यह तय किया कि मुस्कान और साहिल सौरभ की हत्या के दोषी हैं या नहीं. इसके बाद सजा पर बहस की.
मुस्कान और साहिल ने किया जघन्य अपराध
अदालत ने माना मुस्कान और साहिल ने जघन्य अपराध किया है. इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. ऐसा अपराध देश को झकझोर देता है. अभियोजन पक्ष के वकील ने मीडिया को बताया कि जज ने माना कि साहिल-मुस्कान दोषी है. ये लोग सौरभ राजपूत की हत्या के दोषी हैं. अदालत ने सबूतों को पर्याप्त मानते हुए हत्या के बाद सबूत छिापाने का दोषी माना है. 15 दिन के बाद सजा पर बहस होगी और उसके बाद सजा पर फैसला होगा.
वकील ने बताया कि जज ने पूछा कि आप लोगों को सजा कम क्यों दी जाए. पर साहिल-मुस्कान मानसिक रूप से परिपक्व हैं और मानसिक रूप से तैयार थे, इसलिए उन्होंने कहा कि हमें कुछ नहीं कहना. वहीं, सौरभ की तरफ से केस लड़ रहे निजी वकील विजय बहादुर सिंह फैसले की फिंगर टैली काउंटर लेकर कोर्ट पहुंचे. कोर्ट रूम के अंदर भी राम नाम का जाप करते नजर आए.
यह है मामला
मामला 3 मार्च, 2025 का है. उस दिन मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या की थी. शव के टुकड़े करके उन्हें ड्रम में पैक कर दिया था. 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जुलाई 2025 में जिला जज की कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था. पुलिस ने 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. इस केस में 126 तारीखों के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज हुए. 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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