Commonwealth Games 2026 के सातवें दिन भारत की झोली में 3 पदक आए, जिनमें एक स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल थे। भारत के लिए मुरली श्री शंकर ने इतिहास रचा। भारत के पदकों की संख्या 15 हो चुकी है।
Commonwealth Games 2026: मुरली श्रीशंकर ने बुधवार को ग्लास्गो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स की लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक और अध्याय जोड़ दिया, जबकि भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें छह और मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए 10 पदक पक्के कर दिए। बुधवार 29 जुलाई को भारत की झोली में 3 पदक और आए, जिनमें एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल शामिल रहे।
श्रीशंकर राष्ट्रमंडल खेलों में लंबी कूद स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। बर्मिंघम 2022 में रजत पदक जीतने वाले 27 वर्षीय श्रीशंकर ने इस बार 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद लगाकर एक और रजत पदक अपने नाम किया। श्रीशंकर से पहले इस स्पर्धा में भारत के लिए केवल सुरेश बाबू (पुरुष कांस्य, 1978), अंजू बॉबी जॉर्ज (महिला कांस्य, 2002) और एम प्रजुषा (महिला रजत, 2010) ही पदक जीत पाए थे।
केरल के इस खिलाड़ी की उपलब्धि के बाद भारत ने पैरा एथलेटिक्स में इतिहास रचते हुए पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में शीर्ष दो स्थान हासिल किए, जब दिलीप महादू गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ ने रजत पदक जीता। दिलीप ने 10.71 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड और सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, बासिल ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ 10.83 सेकेंड का समय निकालते हुए रजत पदक हासिल किया। पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा पैरा एथलेटिक्स की फर्राटा प्रतियोगिता है, जिसमें एक हाथ में शारीरिक अक्षमता या उसके अभाव वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इससे शरीर के एक हिस्से की ताकत, गति या समन्वय प्रभावित होता है।
भारत को मिला तीसरा गोल्ड
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में यह भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा भारोत्तोलन वर्ग में और शर्मिला धनखड़ ने पैरा एथलेटिक्स की महिलाओं की गोला फेंक एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। बुधवार के तीन पदकों से भारत के अभी तक खेलों में 15 पदक हो गए हैं, जिसमें तीन स्वर्ण, नौ रजत और तीन कांस्य शामिल है। इससे भारत तालिका में आठवें स्थान पर है।
श्रीशंकर की 8.03 मीटर की शुरुआती कूद ने उन्हें स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी और जमैका के ताजे गेल के पीछे तीसरे स्थान पर पहुंचाया। इन दोनों ने ही 8.08 मीटर की कूछ लगाई थी। 27 वर्षीय श्रीशंकर कुछ समय के लिए 8.09 मीटर की कूद के साथ स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में थे, लेकिन गेल ने 8.15 मीटर की दूरी तय करके बढ़त बना ली और स्वर्ण पदक जीत लिया। मैकेंजी ने 8.08 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
वहीं स्पर्धा में शामिल दूसरे भारतीय लोकेश सत्यनाथन 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद के साथ पांचवें स्थान पर रहे। इससे पहले भारत ने विभिन्न वजन वर्गों में 10 पदक पक्के कर बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में जीते गए कुल पदकों के अपने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया जबकि एथलेटिक्स में तेजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने शॉट पुट के फाइनल में पहुंचकर पदक की उम्मीदें बरकरार रखीं।
अंकुश पंघाल (80 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो), अरूंधति चौधरी (70 किलो), सचिन सिवाच (60 किलो), नरेंदर बेरवाल (90 किलो से अधिक) और विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किलो) बुधवार की जीत से लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरूष 55 किलो) के साथ अंतिम चार में पहुंचने वाले मुक्केबाज रहे।
भारतीय एथलीट यशस पलाक्षा और संतोष के तमिलरासन ने पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी हीट में सबसे तेज दो क्वालीफायर के बाद तीसरे स्थान पर रहते हुए (फास्टेस्ट लूजर) के रूप में फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
संतोष ने दूसरी हीट में 49.51 सेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया जबकि यशस पहली हीट में 49.65 सेकंड का समय निकालते हुए तीसरे स्थान पर रहे। संतोष कुल मिलाकर सातवें और यशस आठवें स्थान पर रहे। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ का फाइनल शुक्रवार को होगा।
भारतीय शॉटपुट खिलाड़ी तेजिंदरपाल और सिंह गिल ने आसानी से फाइनल के लिये क्वालीफाई कर लिया। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तूर ने दो प्रयासों में ही ग्रुप ए से 20 मीटर का स्वत: क्वालीफिकेशन मार्क हासिल कर लिया। उनका पहला प्रयास 19.93 मीटर और दूसरा 20.14 मीटर था। उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया। ग्रुप बी से गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रयास पहला ही था, जिसमें उन्होंने 19.95 मीटर का थ्रो फेंका। दूसरा थ्रो 19.75 मीटर और तीसरा फाउल रहा।
मनप्रीत सिंह ने महिलाओं के शॉट पुट फाइनल में 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय भारोत्तोलक संजना महिलाओं के 77 किलोवर्ग से बाहर हो गई जब स्नैच में उनके तीनों प्रयास विफल रहे। 19 वर्ष की संजना 94 किलो का लक्ष्य तीनों प्रयास में हासिल नहीं कर सकी जिससे क्लीन एंड जर्क के पहले ही उनकी चुनौती समाप्त हो गई।
पूल में भी इसी तरह का प्रदर्शन रहा जिसमें भारत के अनुभवी तैराक साजन प्रकाशऔर अनीश गौड़ा पुरूषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में नहीं पहुंच सके। साजन अपनी हीट में पांचवें तथा कुल 20वें स्थान पर रहे। 32 वर्ष के साजन भारत के ही अनीश गौड़ा से भी पीछे रहे जो पदार्पण करते हुए 1:51:64 सेकंड का समय निकालकर 18वें स्थान पर रहे। साजन एक 1:51:99 सेकंड का समय निकालकर काफी पीछे थे।






