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उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कोडीन कफ सिरप तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. प्रयागराज में एसटीएफ ने ड्रग्स विभाग के साथ मिलकर एक अवैध गोदाम पर छापा मारा, जहां से करीब एक करोड़ रुपए कीमत के अवैध कोडीन कफ सिरप और नशीली जेनेरिक टैबलेट बरामद की गई हैं. इस दौरान पुलिस ने आशुतोष तिवारी और दो सगे भाइयों समेत तीन शातिर तस्करों को दबोच लिया है. यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से प्रतिबंधित सिरप मंगाकर यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में सप्लाई कर रहा था.
तीन तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कोडीन कफ सिरप की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए प्रयागराज से तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए तस्करों की पहचान आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी, अंकेश प्रजापति और उसके भाई अमित प्रजापति के रूप में हुई है.
एसटीएफ को लंबे समय से प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध तस्करी की सूचना मिल रही थी. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित विवेक श्रीवास्तव के घर में एक अवैध गोदाम चलाया जा रहा है. पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इस गोदाम पर अचानक छापा मारा. छापेमारी के दौरान मौके से हड़कंप मच गया और पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध कोडीन कफ सिरप और नशीली जेनेरिक टैबलेट्स बरामद कर लीं, जिनकी बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपए आंकी गई है. इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक टाटा नेक्सन कार, 95 खाली सफेद बोरियां, ग्राइंडर और दो टूल किट भी जब्त की गई हैं.
दिल्ली से लेकर बिहार तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से अवैध रूप से कोडीन कफ सिरप और नशीली दवाएं खरीदता था. इसके बाद इन्हें बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खपाया जाता था. गिरोह का एक अन्य सदस्य जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा नई दिल्ली के पते पर एक फर्जी फार्मा कंपनी चला रहा था.
जतिन के सहयोग से ही प्रयागराज और वाराणसी की कई फर्जी फर्मों के नाम पर जाली कागजात और बिल्टी तैयार की जाती थी, जिसके जरिए कफ सिरप की खेप को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाया जाता था. एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मास्टरमाइंड जतिन मिश्रा की तलाश में दबिश दे रही है. पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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