संवाददाता@अमिताभ मिश्रा……

हाथीनाला-रेणुकूट मार्ग पर मंगलवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रेलर चालक की जान चली गई। रात लगभग 10 बजे भुतहिया पुलिया के पास रेणुकूट की ओर से आ रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि चालक वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गया, जबकि खलासी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सूचना मिलते ही हाथीनाला, पिपरी और रेणुकूट पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसी दौरान टीम निशा सिंह के सदस्य विजय प्रताप सिंह अपने साथियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया। चालक को निकालने के लिए घंटों तक लगातार प्रयास किए गए, लेकिन ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेणुकूट पुलिस गैस कटर मिस्त्री को मशीन सहित मौके पर लेकर पहुंची। ट्रेलर की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन वह वाहन में बुरी तरह फंसा रहा। अंततः भोर करीब चार बजे क्रेन मौके पर पहुंची, जिसके बाद चालक को बाहर निकाला जा सका। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान प्रमोद कुमार (24 वर्ष) पुत्र दिनेश कुमार, निवासी ग्राम रमसगरा, थाना राजगढ़, जनपद मीरजापुर के रूप में हुई है।
उसे तत्काल हिंडाल्को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को हिंडाल्को अस्पताल के मर्चरी हाउस में रखवाया गया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

टीम निशा सिंह के सदस्य विजय प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद चालक करीब तीन से चार घंटे तक जीवित था। उसे निकालने के लिए पुलिस, स्थानीय लोगों और उनकी टीम ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन केबिन में बुरी तरह फंसे होने के कारण समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे के बावजूद पुलिस ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभाले रखी, जिससे मार्ग पर आवागमन सुचारु रूप से चलता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथीनाला-रेणुकूट मार्ग पर स्थित भूतहिया पुलिया और आसपास का क्षेत्र दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात हो चुका है। आए दिन यहां सड़क हादसे होते रहते हैं और अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

लोगों ने सरकार से इस मार्ग को शीघ्र फोरलेन में परिवर्तित कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते सड़क का चौड़ीकरण और सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।





