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Best PM Shri School Ghaziabad : गाजियाबाद का ये सरकारी स्कूल प्राइवेट विद्यालयों को टक्कर दे रहा है. इस स्कूल में पढ़ाई अब सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रह गई है. स्कूल में बच्चों के खेल और संगीत के हुनर को निखारने के लिए अलग से स्पोर्ट्स रूम है. मिड-डे मील की कई सब्जियां स्कूल में ही उगाई जाती हैं. 2023 में पीएम श्री योजना के तहत स्कूल को अपग्रेड किया गया, जिसके बाद इसका नाम पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय कविनगर रखा गया. लोकल 18 से स्कूल के प्रधानाध्यापक राजकुमार बताते हैं कि जब वे आठ साल पहले यहां आए थे, तब स्थिति काफी अलग थी.
गाजियाबाद. यूपी के गाजियाबाद के पॉश इलाके कविनगर में स्थित पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. साफ-सुथरा परिसर, रंग-बिरंगी दीवारों पर पढ़ाई से जुड़े चित्र, हर कक्षा में प्रोजेक्टर, सीसीटीवी और बच्चों के लिए खेल-कूद की सुविधाएं. इस सरकारी स्कूल में पढ़ाई अब सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रह गई है. स्कूल में बच्चों के खेल और संगीत के हुनर को निखारने के लिए अलग से स्पोर्ट्स रूम तैयार किया गया है. बच्चों के मिड-डे मील में इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियां स्कूल परिसर में उगाई जाती हैं. पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय कविनगर की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी. यह विद्यालय शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी प्राथमिक स्कूल है. 2023 में केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत स्कूल को अपग्रेड किया गया, जिसके बाद इसका नाम पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय कविनगर रखा गया. योजना के तहत स्कूल में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है. आज यह विद्यालय बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल, संगीत और दूसरी गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है.
तब सिर्फ 84 बच्चे थे
लोकल 18 से स्कूल के प्रधानाध्यापक राजकुमार बताते हैं कि जब वे आठ साल पहले (2018) स्कूल आए थे, तब स्थिति काफी अलग थी. उस समय स्कूल में सिर्फ 84 बच्चे पढ़ते थे. धीरे-धीरे कायाकल्प और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ स्कूल की तस्वीर बदली गई. आज यहां कक्षा एक से पांच तक करीब 180 बच्चे पढ़ रहे हैं. स्कूल की दीवारों और कक्षाओं को बच्चों की पढ़ाई के अनुरूप सजाया गया है ताकि पढ़ाई उनके लिए आसान और रोचक बन सके.
हर चीज पर प्रधानाध्यापक की नजर
पीएम श्री स्कूल में बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाने के लिए सभी कक्षाओं में प्रोजेक्टर लगाए गए हैं. परिसर में सीसीटीवी की सुविधा भी है. खेलों के लिए पर्याप्त सामान उपलब्ध है. बच्चे राज्य स्तर तक खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं. योग दिवस समेत गाजियाबाद में होने वाले दूसरे कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में भी यहां के बच्चे हिस्सा लेते हैं. विद्यालय में लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स रूम भी तैयार किया गया है. स्कूल में साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाती है. परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की सफाई पर विशेष ध्यान है. मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर भी सावधानी बरती जाती है. खाना बनने से पहले प्रधानाध्यापक खुद रसोई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करते हैं.
मिल चुका सम्मान
प्रधानाध्यापक बताते हैं कि इस स्कूल की एक और खास पहल यहां का गार्डन है. मौसम के हिसाब से जिसमें सब्जियां उगाई जाती हैं, जिनका इस्तेमाल मिड-डे मील में किया जाता है. इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन के साथ पेड़-पौधों और खेती के बारे में भी सीखने का मौका मिलता है. स्कूल में फिलहाल दो स्थायी शिक्षक हैं. एनजीओ और रोटरी क्लब के सहयोग से भी बच्चों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं. प्रधानाध्यापक राजकुमार को उत्तर प्रदेश योग रत्न अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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