लखनऊः उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है. आलम यह है कि मानसून विदाई ले रहा है. लेकिन सड़क से लेकर नदी तक सब उफान पर हैं. लोगों के घरों में पानी घुस चुका है. इस बीच यूपी आईएमडी ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, ज्योतिबा फुले नगर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बहराइच, श्रावस्ती, खीरी, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां पढ़ें मौसम का पल-पल का अपडेट…
60 घंटे में 56 लोगों की हुई मौत
राहत आयुक्त की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले 60 घंटे में 56 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हो गए. वहीं 78 मवेशियों की जान चली गई. सबसे अधिक मवेश हरदोई में मरे. हरदोई में कुल 28 मवेशियों की मौत हुई है. वहीं 711 मकान ढह गए. सबसे अधिक 272 मकान हरदोई में ढहे. वहीं पिछले 24 घंटे में 6 लोगों की मौत हुई है.
लखनऊ में तीन दिन में 180.4 मिमी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सोमवार को भी लखनऊ और आसपास के जिलों में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे. दिन चढ़ने पर कुछ देर के लिए बादल छंट सकते हैं. लेकिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी. सोमवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक लखनऊ में 25 से 27 सितंबर के बीच 180.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है. वैसे सामान्य तौर पर इन तीन दिनों में 9.4 मिमी बारिश होती है.
महराजगंज में नेपाल के नदियों से कई गांव में बाढ़
महराजगंज जिले में नेपाल की नदियों से कई गांवों में बाढ़. गेडहवा, सोहगीबरवा, भोतहा ,शिकारपुर गांव में घुसा पानी. नारायणी नदी से रात से करीब 6 लाख क्यूसेक पानी का हुआ डिस्चार्ज. राहत बचाव के लिए टीम जुटी. पीएसी एसएसबी की फ्लड कंपनियां तैनात. ऊंचे स्थानों पर लोगों ने ली शरण. लगातार बढ़ रहा नारायणी का जलस्तर. करीब 45 हजार आबादी बाढ़ से हुई प्रभावित.
नेपाल से आए पानी से बाराबंकी में मची तबाही
नेपाल से आए पानी ने सरयू में जमकर तबाही मचाई है. बाराबंकी के हेतमापुर में मस्जिद, शिव मंदिर और करीब दस घर नदी में समा गए. अब बाबा नारायण दास की तपोस्थली भी कटान की कगार पर आ चुका है. तहसील रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर में शनिवार शाम तक सरयू शांत थी. रात करीब दो बजे जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। सबसे पहले कगार पर बनी मस्जिद नदी की धारा में समाई. इसके कुछ ही देर बाद पास का शंकरजी का मंदिर भी बह गया। इसके बाद कटान बाबा नारायण दास की तपोस्थली की ओर बढ़ गई. मंदिर के निचले हिस्से का लिंटर भी नदी की चपेट में आ गया.
बदायूं में बारिश और ठंड के चलते 100 से अधिक गोवंश की मौत
बदायूं जिले में बारिश और ठंड के चलते लगभग 100 से ज्यादा गौवंशों की मौत हो गई. हालांकि प्रशासन ने अभी तक 30 गोवंशों की मौत को स्वीकार किया है. वहीं 40 से ज्यादा गौवंश का इलाज चल रहा है. गौवंशों की मौत के कई वीडियो हुई सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिले के डीएम ने बताया अभिगांव में 20, ब्यौरा में 9 और मानिकपुर में एक गौवंश की मौत हुई है. सीडीओ की अध्यक्षता में निगरानी की जा रही है. अभिगांव में केयरटेकर के खिलाफ फिर दर्ज कर जांच बैठाई है. बजरंग दल के प्रांतीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने अभिगांव में पहुंचकर पड़ी गायों की गिनती करने के बाद दावा किया कि 74 गौवंश की मौत हो गई है. 54 का शव गौशाला में दिखाई दिए. जबकि 20 के शवों को गड्डा करके गौशाला के परिसर में दफन कर दिए गए.
