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एशियन गेम्स में 2026 में जापान के युकी कुरिहारा ने ई स्पोर्ट्स में गोल्ड मेडल जीतकर सनसनी मचा दी. युकी कुरिहारा ने महज 11 साल की उम्र में ये कारनामा किया है. युकी कुरिहारा ने अभी एलिमेंट्री स्कूल में पढ़ाई करते हैं. उन्होंने पुयो पुयो चैंपियंस के फाइनल में गोल्ड मेडल जीता.
11 साल के युकी कुरिहारा ने जीता गोल्ड
नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारत के वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं. हालांकि, इस मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट में वैभव से भी कम उम्र के एथलीट हिस्सा ले रहे हैं. उन्हीं में से एक हैं जापान के युकी कुरीहारा. युकी कुरीहारा की उम्र महज 11 साल है और वह एलिमेंट्री स्कूल में पढ़ाई करते हैं.
युकी कुरीहारा ने एशियन गेम्स में अपने तीन गुना ज्यादा उम्र के प्रतियोगियों को पछाड़कर ई स्पोर्ट्स में गोल्ड मेडल जीतकर सनसनी मचाई है. युकी कुरीहारा ने ये ऐतिहासिक मेडल पुयो पुयो चैंपियंस के फाइनल में जीता है. वह मेजबान देश जापान के एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे कम उम्र के एथलीट हैं.
क्या होता है पुयो पुयो गेम?
पुयो पुयो चैंपियंस एक पहेली यानी पजल गेम है, जिसमें खिलाड़ी रंगीन आकृतियों को एक कतार में मिलाकर और उन्हें फोड़कर अपनी स्क्रीन साफ करने की कोशिश करते हैं. पूरे मुकाबले के दौरान बेहद शांत और बेपरवाह दिखे कुरीहारा ने अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत बेहद आसानी से गोल्ड मेडल मैच में जगह बनाई.
उन्होंने सेमीफाइनल में 28 साल के थाईलैंड के अनुभवी खिलाड़ी तनारक वोंगकितकुन को 10-1 से करारी मात देकर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का किया था. फाइनल में शुरुआत में 1-0 से पिछड़ने के बाद दक्षिण कोरिया के 24 वर्षीय कांग डोंगशिन को हराने पर भी उनके चेहरे पर कोई मुस्कान नहीं थी.
गोल्ड जीतने के बाद कुरीहारा के चेहरे पर नहीं था कोई भाव
उन्होंने बताया, “पूरी ईमानदारी से कहूं तो मुझे थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हो रही थी, इसलिए मैं अपने हाव-भाव ठीक से दिखा नहीं पाया या चेहरे के भाव ज्यादा बदल नहीं सका.” पोडियम पर खड़े होकर अपना गोल्ड मेडल लेते समय वह थोड़ा झुके और पूरे एरीना की ओर हाथ हिलाया. उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं. यह गोल्ड मेडल वाकई बहुत सुंदर, चमकदार और भारी है.”
कुरीहारा ने प्राथमिक विद्यालय के अपने पहले साल में पुयो पुयो खेलना शुरू किया था और जल्द ही टूर्नामेंटों में भाग लेकर जीत हासिल करने लगे. उन्होंने इसी साल अप्रैल में अपना प्रो लाइसेंस हासिल किया और वह नियमित रूप से वयस्कों को हराते हैं.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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