नई दिल्ली: कहते हैं कभी-कभी आप करना कुछ और चाहते हैं, लेकिन किस्मत में कुछ और लिखा होता है. ऐसी ही कहानी एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल दिलाने वाले कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह की है. कमलजीत और सुरुचि ने 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड जीता है. ये दोनों ही शूटर हरियाणा के है. कमलजीत रेवाड़ी के रहने वाले हैं तो सुरुचि झझर की हैं. ये दोनों ही एथलीट शुरू में शूटर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन अब इसी खेल में उन्होंने परचम लहराया है.
मिक्स्ड डबल्स से पहले कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन रहा और वह मेडल चूक गए थे, लेकिन दोनों ने दमदार वापसी की और भारत को मिक्स्ड डबल्स में मेडल दिलाया. ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह.
कौन हैं कमलजीत और सुरुचि सिंह
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले कमलजीत की शूटर बनने की कहानी काफी संघर्षपूर्ण है. कमलजीत बचपन से ही एथलीट बनना चाहते थे. यही कारण है कि उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड से शुरुआत की, लेकिन चोट ने उनकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया, लेकिन मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बा था. ऐसे में उन्होंने हार नहीं मानी. ट्रैक एंड फील्ड के बाद कमलजीत ने शूटिंग में अपनी किस्मत आजमाई. हालांकि, उनके लिए शूटिंग में सफलता हासिल करना बिल्कुल भी आसान नहीं था.
दरअसल, कमलजीत ने जब शूटिंग करना शुरू किया तो उनके साथ कम उम्र के शूटरर्स कई सालों से प्रैक्टिस कर रहे थे और कमलजीत से काफी आगे थे. ऐसे में उनके साथ कंप्टीट करना और शूटिंग की बारिकीयों को सीखने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी. इसके अलावा शूटिंग के खेल में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और पिस्टल खरीदने के लिए उन्होंने आर्थिक तंगी भी झेली, लेकिन अब उन्हें उनके त्याग और संघर्ष का इनाम मिल गया है.
सुरुचि को उनके परिवार बनाना चाहते थे रेसलर
सुरुची हरियाणा के झज्जर जिले के ससरोली गांव की रहने वाली हैं. वह एक ऐसे परिवार से आती हैं जिसका खेल से गहरा जुड़ाव रहा है. उनके पिता इंदर सिंह सेना में रहे हैं और डेफलिम्पिक्स के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान वीरेंद्र सिंह उनके चाचा हैं. परिवार में रेसलरिंग का माहौल था, लेकिन सुरुचि को बचपन से ही शूटिंग की तरफ जाना था. ऐसे में उन्होंने अपने फैमिली ट्रेडिशन से अलग रेसलिंग की जगह शूटिंग में हाथ आजमया और अब एशियन गेम्स में सुरुचि ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है.
दक्षिण कोरियाई शूटर को हराकर कमलजीत और सुरुचि ने जीता गोल्ड
कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के शूटर सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी को हराकर गोल्ड मेडल जीता. फाइनल में भारतीय शूटरों ने 484.6 अंक हासिल किए. दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता. भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई थी.
इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था. उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे.
10 मीटर एयर पिस्टल में मेडल जीतने का था आखिरी मौका
यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था. कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं. भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था.

