संवाददाता@विशाल टंडन….
— ऊर्जाचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ठेकेदार के कर्मचारियों पर मालवाहकों को रोकने का लगाया आरोप

झारखंड राज्य स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की खदानों से रेलवे रैक के माध्यम से कृष्णशिला रेलवे साइडिंग पहुंचने वाले कोयले के सड़क परिवहन पर जिला पंचायत द्वारा परिवहन शुल्क वसूली का मामला तूल पकड़ने लगा है। ऊर्जाचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन द्वारा अध्यक्ष पप्पू सिंह के नेतृत्व मे गुरुवार को जिलाधिकारी को पत्र देंकर जिला पंचायत के ठेकेदार और उसके कर्मचारियों पर मालवाहकों को रोककर जबरन परिवहन शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है।

पत्र में कहा गया है कि कृष्णशिला रेलवे साइडिंग से रेनुसागर पावर डिवीजन तक कोयला एनसीएल की भूमि, औड़ी-शक्तिनगर राज्य मार्ग और हिंडाल्को की निजी सड़कों से होकर पहुंचाया जाता है। इन मार्गों में जिला पंचायत की किसी सड़क अथवा संपत्ति का उपयोग नहीं होता। ऐसे में जिला पंचायत को परिवहन शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं है।एसोसिएशन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्ष 2012 के एक आदेश और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जिला पंचायत द्वारा वर्ष 2019 में उपलब्ध कराई गई सूचना का हवाला देते हुए कहा है कि अन्य राज्यों से आने वाले खनिजों पर शुल्क वसूली का प्रावधान नहीं है।

पत्र में वर्ष 2025 में एनसीएल की खड़िया परियोजना से एमईआईएल-अनपरा के लिए होने वाले कोयला परिवहन के दौरान मालवाहकों को रोके जाने का भी उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन के अनुसार, इस मामले में पूर्व मे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संबंधित ठेकेदार को चेतावनी दी गई थी।

अध्यक्ष पप्पू सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कृष्णशिला रेलवे साइडिंग से रेनुसागर परियोजना तक झारखंड से आने वाले कोयले का परिवहन करने वाले मालवाहकों से परिवहन शुल्क की वसूली तत्काल रोकी जाए तथा ठेकेदार या उसके कर्मचारियों को वाहनों को रोककर परिवहन में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। इस दौरान लालसा राम वैश्य, प्रमोद जायसवाल, सुशील तिवारी, ओम प्रकाश दूबे, अमित गुप्ता, पवन सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।






