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Mohammed Shami Meets Jayant Chaudhary: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मुलाकात ने सूबे की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है. जयंत चौधरी द्वारा सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा किए जाने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या ‘अमरोहा एक्सप्रेस’ क्रिकेट पिच छोड़कर रालोद के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरेंगे या उनके बड़े भाई राजनीति में कदम रखेंगे.
मोहम्मद शमी ने की जयंत चौधरी से मुलाकात.
Mohammed Shami Meets Jayant Chaudhary: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच खेल और राजनीति के गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की अचानक हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज कर दी है. इस मुलाकात के बाद से ही यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या ‘अमरोहा एक्सप्रेस’ अब क्रिकेट की पिच छोड़कर सियासत के मैदान में चौके-छक्के लगाते नजर आएंगे.
रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से मोहम्मद शमी के साथ मुलाकात की एक तस्वीर शेयर की, जिसके सामने आते ही अमरोहा से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. हालांकि, न तो मोहम्मद शमी और न ही राष्ट्रीय लोक दल की ओर से अभी तक चुनाव लड़ने या पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा की गई है, लेकिन इस मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
क्रिकेट से दूरी और राजनीति की चर्चा
गौरतलब है कि मोहम्मद शमी पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर चल रहे हैं. उन्होंने देश के लिए अपना आखिरी मैच 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. बीसीसीआई के चयनकर्ताओं द्वारा नजरअंदाज किए जाने और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह न मिलने के बाद अब उनकी इस मुलाकात ने नए कयासों को जन्म दे दिया है.
बड़े भाई हसीब के नाम की भी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में केवल मोहम्मद शमी ही नहीं, बल्कि उनके बड़े भाई हसीब को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. ऐसा माना जा रहा है कि यदि खुद शमी चुनावी मैदान में नहीं उतरते हैं, तो उनके परिवार से कोई अन्य सदस्य राजनीति में एंट्री ले सकता है. अमरोहा सीट मुस्लिम बहुल मानी जाती है, जहां करीब 3.25 लाख मतदाताओं में से दो लाख मुस्लिम वोटर हैं. इनमें तुर्क बिरादरी की संख्या करीब 70 हजार है और शमी का परिवार इसी बिरादरी से आता है. इस सीट पर लंबे समय से समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है, ऐसे में रालोद का यह समीकरण चुनाव को बेहद दिलचस्प बना सकता है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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