• Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

गाजियाबाद में दिखेगी सनातन और वेदों की झलक, 14 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा ‘संस्कृत दर्शन पार्क’ जानिए खासियतें

Admin by Admin
September 19, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
गाजियाबाद में दिखेगी सनातन और वेदों की झलक, 14 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा ‘संस्कृत दर्शन पार्क’ जानिए खासियतें


Last Updated:September 19, 2026, 17:35 IST

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में जीडीए द्वारा 14 करोड़ रुपये की लागत से भव्य ‘संस्कृत दर्शन पार्क’ तैयार किया जा रहा है. यह अनूठा पार्क आधुनिकता और सनातन ज्ञान परंपरा का संगम होगा, जहां आगंतुकों को वेदों, उपनिषदों और महाकाव्यों की महत्वपूर्ण जानकारियां रोचक तरीके से मिलेंगी. आकर्षक लैंडस्केपिंग, फव्वारों और संस्कृत श्लोकों से सजे इस पार्क का काम अंतिम चरण में है. अक्टूबर में इसे आम जनता, युवाओं और पर्यटकों के लिए खोले जाने की पूरी उम्मीद है.

अगर आप शाम को टहलने के साथ-साथ भारत के समृद्ध इतिहास और गौरवशाली सनातन ज्ञान परंपरा को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो गाजियाबाद में आपके लिए एक बेहद खास जगह तैयार हो रही है. शहर के पॉश इलाके इंदिरापुरम में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) एक बेहद अनूठा ‘संस्कृत दर्शन पार्क’ विकसित कर रहा है. लगभग 14 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहा यह प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है और तेजी से पूर्ण स्वरूप ले रहा है.

जीडीए के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं. प्राधिकरण की टीमें लगातार मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर रही हैं और काम की प्रगति की समीक्षा में जुटी हैं. अधिकारियों का मुख्य जोर इस बात पर है कि काम तय मानकों और तय समयसीमा के भीतर पूरा हो, ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द यह खूबसूरत सौगात मिल सके.

यह पार्क सिर्फ पेड़-पौधों वाला कोई सामान्य पार्क नहीं होगा, बल्कि ज्ञान और संस्कृति का जीवंत केंद्र बनेगा. यहां आने वाले लोगों को भारत की प्राचीन ज्ञान संपदा से रूबरू होने का बेहतरीन मौका मिलेगा.

Add News18 as
Preferred Source on Google

Advertisement
Advertisement

पार्क में वेद, उपनिषद, महान भारतीय महाकाव्य, दर्शनशास्त्र और समृद्ध संस्कृत साहित्य से जुड़ी अहम जानकारियों को बेहद आधुनिक और रोचक तरीके से पेश किया जाएगा. इसका मकसद खास तौर पर बच्चों और युवाओं में अपनी ऐतिहासिक जड़ों और प्राचीन ज्ञान के प्रति जिज्ञासा और गर्व का भाव जगाना है.

पार्क को बेहद खूबसूरत और आकर्षक लुक दिया जा रहा है. यहां अलग-अलग विषयों पर आधारित खास संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिन पर संस्कृत के प्रेरक श्लोक और सूक्तियां उकेरी जा रही हैं.

इसके अलावा रंग-बिरंगे आधुनिक फव्वारे, जल संरचनाएं (वॉटर बॉडीज), शानदार लैंडस्केपिंग और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है. लोगों की सहूलियत के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था और जनसुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा गया है. यह पार्क प्रकृति, ज्ञान और आधुनिक वास्तुकला का बेजोड़ संगम साबित होगा.

जीडीए के अनुसार, फिनिशिंग का काम पूरा होते ही इस पार्क को अक्टूबर महीने में आम नागरिकों के लिए खोल दिए जाने की पूरी संभावना है. शुरू होने के बाद यह स्थान न केवल गाजियाबाद के स्थानीय निवासियों, बल्कि विद्यार्थियों, युवाओं, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा, जहां आधुनिक माहौल में संस्कृति को करीब से समझा जा सकेगा.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
First Published :

September 19, 2026, 17:35 IST



Source link

Advertisement
Advertisement
Previous Post

Asian Games 2026: हॉकी में गोल्ड और ओलंपिक टिकट पर भारत की नजर, मेंस-विमेंस टीम रविवार को होंगी एक्शन में

Next Post

सोनभद्र. आरक्षण की मांग पर ‘गंगाजल संकल्प’, 2027 से पहले फैसला नहीं तो वोट पर लेंगे निर्णय

Next Post

सोनभद्र. आरक्षण की मांग पर ‘गंगाजल संकल्प’, 2027 से पहले फैसला नहीं तो वोट पर लेंगे निर्णय

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Advertisement
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.