ग्वालियर. फिल्म ‘हनुमान अंश’ को रिलीज हुए 42 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभीतक बॉक्स ऑफिस पर बनी हुई है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. नीम करोली बाबा पर फिल्म बनी इस फिल्म की कहानी और म्युजिक को ऑडियंस खूब पसंद कर रही है. फिल्म का गाना ‘पार्वती’ ब्लॉकबस्टर साबित हुआ है. इस गाने को सिंगर साधू तिवारी ने गाया है. साधू ने ग्वालियर में करहिया गांव के रहने वाले हैं. इस दौरान उन्होंने न्यूज18 हिंदी से बात की. उन्होंने फिल्म, गाने और अपने करियर को लेकर बात की.
साधू तिवारी ने कहा,”मैं करहिया गांव का रहने वाला हूं. संगीत शिक्षा प्राप्त की बाद में केमिस्ट्री का लेक्चरर रहा. 2010 में मुंबई गया, म्यूज़िक डायरेक्टर बना, गाने और संगीत बनाता रहा हूं . पहले ‘गुलाब गैंग’, ‘एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर’ में गाया. लेकिन खास पहचान ‘हनुमान अंश’ से मिली है. फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी 8 साल से यूट्यूब चैनल चलाते थे. हनुमान चालीसा कार्यक्रम चलाते थे. बाबा पर फ़िल्म बनाना चाहते थे, लेकिन फाइनेंसर नहीं मिला. “
साधू तिवारी ने कहा, “बाबा की कृपा से फाइनेंसर मिला और फिल्म बनी लेकिन शुरुआत में फिल्म चल नहीं पाई. हालात ये थे कि पहले फिल्म हमने अकेले देखी. फिर चमत्कार हुआ. फिल्म चलने लगी. ये हनुमान जी की कृपा से अविश्वसनीय रही है. आज Gen G के दौर में फिल्म का सुपरहिट बताता है कि युवा भी धर्म और अध्यात्म की तरफ बढ़ रहे हैं.”
साधू तिवारी बचपन में रामलीला में करते थे पाठ
साधू तिवारी ने बताया कि वह बचपन में रामलीला में भी पाठ करते थे. उन्होंने कहा, “देखिए, किसी कला की जो शुरुआत होती है, वो अपनी गांव और मिट्टी से ही होती है. आप जिस भी मिट्टी के, शहर के, गांव के हैं… तो एक देश की मिट्टी से शुरुआत होती है. मेरी भी शुरुआत इस देश की मिट्टी से हुई. इसी देश की मिट्टी में मैं खेला, बढ़ा हूं और इसी से सीख रहा हूं. और सीखने की प्रक्रिया वो सतत है. अभी चल रही है.”
साधू तिवारी ने युवाओं का जताया आभार
जब उनसे पूछा गया, “नया युवा जो है, आपकी फिल्मों से बड़ा प्रेरित हो रहा है. किस तरह से देख रहे हैं पूरा सिनेरियो?” इस पर साधू ने कहा,”मुझे लगता है कि अच्छी फिल्में बननी चाहिए. संतों के चरित्र पर या जो भी. और अच्छे प्रसंग पर. अगर पारिवारिक पिक्चरें भी बनें, ऐसी पिक्चरें बनें, सब तरह की. मतलब मुझे लगता है कि मनोरंजन के अलग-अलग स्तर हैं. हर स्तर पर भी बने, जिस भी स्तर पर वो बने, वो स्तर मुझे लगता है कि अह अह अच्छी फिल्में बननी चाहिए. युवाओं का बहुत-बहुत धन्यवाद है और क्या है. युवाओं ने बहुत साथ दिया इस फिल्म का. इतनी सारी रील्स बनाईं. इसका प्रचार-प्रसार युवाओं ने ही किया है.”

