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UP Good News : मऊ, कानपुर और सीतापुर समेत यूपी के पांच जिलों में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित किए जाने की तैयारी है. कपड़ा उद्यमियों ने यूपी में निवेश की इच्छा जताई है. इसको लेकर हस्तशिल्प, खादी एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली है.
सीएम योगी. (फाइल फोटो)
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कपड़ा और अपैरल उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है. मऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, सीतापुर और रायबरेली में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. खास बात यह है कि इन पार्कों के लिए बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन को चिह्नित किया गया है. अगले महीने होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जा सकता है.
विभाग के मुताबिक, इन जिलों में जमीन की पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके बाद पार्क में सड़क, बिजली, पानी समेत जरूरी आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी और निवेशकों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जाएंगे.
गुजरात-महाराष्ट्र के उद्यमियों की यूपी पर नजर
यूपी के टेक्सटाइल सेक्टर में दूसरे राज्यों के उद्यमियों की दिलचस्पी भी बढ़ रही है. अहमदाबाद, सूरत और मुंबई के कई कपड़ा कारोबारी यूपी में निवेश की इच्छा जता चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, सस्ता श्रम, उद्योग के लिए अनुकूल माहौल और बड़े बाजार तक आसान पहुंच निवेशकों को आकर्षित कर रही है. इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में औद्योगिक जमीन की कमी के कारण भी उद्यमी यूपी का रुख कर रहे हैं. यूपी में यूनिट लगाने से उत्तर प्रदेश के साथ बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के बाजारों तक कम लागत और कम समय में उत्पाद पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
5 जिलों में पहले से चल रहा काम
यूपी के वाराणसी के रमना, अमरोहा, बरेली के बहेड़ी, संतकबीर नगर के मगहर और बिजनौर के नगीना में पहले से संत कबीर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं. इनमें करीब 50 से 80 एकड़ तक जमीन पर अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. हस्तशिल्प एवं वस्त्रोद्योग खादी मंत्री राकेश सचान के मुताबिक, प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है और कपड़ा उद्योग की मांग को देखते हुए नए टेक्सटाइल पार्क तैयार किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के निवेशकों ने यूपी में निवेश की इच्छा जताई है और अगले महीने तक प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा.
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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