मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी…..

माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर से संबद्ध राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में शुक्रवार को “नशा मुक्ति भारत अभियान” के तहत विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य “जागरूक युवा, स्वस्थ समाज, समृद्ध राष्ट्र” के संदेश को विद्यार्थियों तक पहुंचाना रहा।

प्राचार्य प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि परिवार और समाज के साथ देश के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और “नशा छोड़ो, जिंदगी चुनो” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ. वैशाली शुक्ला ने नशे के स्वास्थ्य, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला।

डॉ. संघमित्रा ने कहा कि युवा राष्ट्र की रीढ़ हैं। उन्होंने युवाओं को व्यसन से बचाने के लिए पारिवारिक संवाद, सकारात्मक माहौल और काउंसिलिंग की जरूरत बताई।

अंजलि मिश्रा ने कहा कि परिवार का कोई सदस्य नशे की गिरफ्त में आता है तो पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से प्रभावित होता है। उन्होंने महिलाओं और माताओं से बच्चों की संगति पर नजर रखने तथा नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जागरूकता सत्र का आयोजन पूर्वाह्न 11 बजे किया गया।
