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Shreya Ghoshal: श्रेया घोषाल की पहचान आज देश की टॉप प्लेबैक सिंगर्स में होती है. उनकी आवाज ने हिंदी ही नहीं, कई भारतीय भाषाओं के संगीत को भी अपनी पहचान दी है. लेकिन इस मुकाम से पहले उनका मुंबई से रिश्ता काफी अलग था. परिवार के साथ शहर आईं श्रेया ने अपनी पढ़ाई और संगीत की शुरुआती यात्रा यहीं आगे बढ़ाई दिलचस्प बात है कि उनका शुरुआती ठिकाना मुंबई का ऐसा इलाका था, जिसे देखकर शहर का अंदाजा लगाना मुश्किल था.
नई दिल्ली. श्रेया घोषाल की आवाज से आज देश-दुनिया के करोड़ों लोग परिचित हैं. लेकिन इस मशहूर आवाज के पीछे संघर्ष और मेहनत की लंबी कहानी है. पश्चिम बंगाल में जन्मीं श्रेया ने बचपन राजस्थान में बिताया. फिर पिता के तबादले के बाद उनका परिवार मुंबई आ गया. यही शहर आगे चलकर उनके करियर की पहचान बना. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुंबई आने के बाद श्रेया कहां रहती थीं? फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
मैशबल इंडिया के शो ‘द बॉम्बे जर्नी’ में बातचीत करते हुए श्रेया ने बताया कि जब वह पहली बार कोलकाता से मुंबई आईं तो वह शहर के किस हिस्से में रहती थीं और वह इलाका आम मुंबई से कितना अलग था. फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
इसी बातचीत के दौरान जब श्रेया से पूछा गया कि मुंबई आने के बाद वह कहां ठहरी थीं, तो उन्होंने अनुशक्ति नगर का जिक्र किया. श्रेया ने बताया, ‘अनुशक्ति नगर चेम्बूर के सामने और ट्रॉम्बे (तुरभे) वाले रास्ते पर स्थित है.यह इतना हरा-भरा और विशाल आवासीय कलोनी है कि वहां रहने पर आपको लगेगा ही नहीं कि आप मुंबई जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में हैं.’ फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
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श्रेया घोषाल का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था और उनकी शुरुआती परवरिश राजस्थान के रावतभाटा में हुई. उनके पिता विश्वजीत घोषाल न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में इंजीनियर थे. फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
1997 में जब उनके पिता का ट्रांसफर मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में हुआ, तब पूरा परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया. श्रेया ने अपनी स्कूली शिक्षा अनुशक्ति नगर के ‘एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल’ से पूरी की. फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
इसके बाद उन्होंने एटॉमिक एनर्जी जूनियर कॉलेज में साइंस में एडमिशन लिया, लेकिन बाद में संगीत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने ‘SIES कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स’ से अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएशन किया. फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
पढ़ाई के साथ संगीत उनकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बना रहा. श्रेया ने महज चार साल की उम्र में संगीत सीखना शुरू कर दिया था. छह साल की उम्र में उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बाकायदा ट्रेनिंग शुरू की. मुंबई आने के बाद भी उनका रियाज जारी रहा. फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram
आगे चलकर 2000 में महज 16 साल की उम्र में उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा’ जीता. इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और वही मुंबई, जिसे कभी उन्होंने अनुषक्ति नगर की हरियाली के बीच एक अलग दुनिया की तरह देखा था, उनकी प्रोफेशनल जिंदगी का सबसे अहम शहर बन गया. फोटो साभार-@shreyaghoshal/Instagram

