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1807 में जाहरवीर गोगा मेले को एक ड्रामा बताकर के अंग्रेज कलेक्टर ने बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन जब कलेक्टर अपने घर पहुंचे और वहां पर अपने खाने, बिस्तर और पूरे घर में सांप ही सांप पाए तो उनको एहसास हुआ कि उन्होंने इस मेले को बंद करा कर बहुत बड़ी गलती की है. तब उन्होंने बाबा जाहरवीर गोगा जी महाराज की म्हाड़ी स्थल पर पहुंचकर माथा टेका और अपनी गलती को मन तब जाकर यह मेला एक दिन से तीन दिन का करने का आदेश कलेक्टर ने दिया था, और तभी से ही यह मेला एक दिन से बढ़कर तीन दिन का लगता चला आ रहा है.
Jaharveer Goga Fair: सहारनपुर में लगने जा रहा पश्चिम का सबसे बड़ा मेला, जिसको हजार साल से भी अधिक का समय हो चुके है. सैकड़ो साल से यह मेल एक दिन का भरता चला आ रहा था लेकिन अंग्रेजी शासन काल में इस मेले को तीन दिन का किया गया था. उसको करने वाला कोई और नहीं बल्कि अंग्रेजी कलेक्टर था. अंग्रेजी कलेक्टर ने हिंदुओं की इस आस्था और बाबा के इस मेले को देखकर नाराजगी जताई थी. इस मेले को बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन उसके बाद जो चमत्कार बाबा ने दिखाया उसको देखकर भी अंग्रेजी कलेक्टर ने अपने घुटने टेक दिए थे.
बताया जाता है कि 1807 में जाहरवीर गोगा मेले को एक ड्रामा बताकर के अंग्रेज कलेक्टर ने बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन जब कलेक्टर अपने घर पहुंचे और वहां पर अपने खाने, बिस्तर और पूरे घर में सांप ही सांप पाए तो उनको एहसास हुआ कि उन्होंने इस मेले को बंद करा कर बहुत बड़ी गलती की है. तब उन्होंने बाबा जाहरवीर गोगा जी महाराज की म्हाड़ी स्थल पर पहुंचकर माथा टेका और अपनी गलती को मन तब जाकर यह मेला एक दिन से तीन दिन का करने का आदेश कलेक्टर ने दिया था, और तभी से ही यह मेला एक दिन से बढ़कर तीन दिन का लगता चला आ रहा है.
अंग्रेजी कलेक्टर ने इस मेले को कर दिया था बंद, चमत्कार के बाद घुटने टेक कर मांगी थी माफी
गोगा म्हाड़ी सुधार सभा अध्यक्ष अनिल प्रताप सैनी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि अंग्रेजों को हमारे यहां की संस्कृति के बारे में नहीं पता था. अलग-अलग तरीके से हमारे यहां पूजा पाठ होती रही चाहे मंदिरों में होती रही चाहे अपने खेडो की पूजा होती रही, चाहे अपने देव पितरों की पूजा होती रही. ऐसे ही 26 छड़ियों की पूजा होती है. 1807 में जब यहां एक अंग्रेज डीएम यहां आए और उन्होंने इस मेले को देखा. मेले को देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह क्या कुछ चल रहा है क्या ड्रामा है इसको बंद किया जाए. उस समय इस मेले को अंग्रेजी कलेक्टर ने बंद कर दिया था. लेकिन तुरंत ही बाबा जाहरवीर गोगा जी महाराज ने अपना चमत्कार दिखाया.
जब अंग्रेज डीएम खाना खाने बैठे तब उनके खाने में सांप, जब बिस्तर पर लेटने पहुंचे तब उनके बिस्तर में सांप, छत की तरफ देखते थे तब वहां पर भी सांप ही सांप नजर आते थे. तब उनको एहसास हुआ कि उन्होंने मेले को बंद करा कर गलत किया. तब उन्होंने मेले वाले स्थान पर जाकर माता टेका और अपनी गलती को माना. पहले यह मेल एक दिन का भरता था लेकिन अंग्रेज डीएम ने इसको 3 दिन का भरने का आदेश दिया. तभी से यह मेल तीन दिन का भरता चला आ रहा है. यहां पर मेले में पहुंचकर 10 से 15 लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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